बिहार में मौसम ने बदला मिजाज, कई जिलों में मूसलाधार बारिश, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 29 मई । बिहार में भीषण गर्मी से परेशान लोगों को शुक्रवार की सुबह बड़ी राहत मिली। राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली और आसमान में घने बादल छा गए। सुबह से ही कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।

पटना के अलावा खगड़िया, कैमूर, रोहतास, बक्सर, भोजपुर और औरंगाबाद समेत कई जिलों में सुबह से लगातार बारिश हो रही है। कई जगहों पर दिन में ही शाम जैसा नजारा देखने को मिला। मौसम में आए इस बदलाव के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, हालांकि तेज आंधी और वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने सतर्क रहने की अपील की है।

पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो से तीन घंटों के भीतर राज्य के कई हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसे लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार पटना, गया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भभुआ, भागलपुर, भोजपुर, गोपालगंज, सारण, सीवान, पूर्वी चंपारण, जहानाबाद, नवादा, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, वैशाली और शेखपुरा समेत कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। विशेष रूप से गया, पटना, नालंदा और पूर्वी चंपारण के सभी प्रखंडों में तेज हवाओं और आंधी का अधिक खतरा बताया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस सिस्टम के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी अगले पांच दिनों के दौरान लगभग 2 डिग्री की कमी होने का अनुमान है। हालांकि इसके बाद मौसम सामान्य होने पर तापमान में फिर से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

इधर मौसम विभाग ने खराब मौसम और वज्रपात को देखते हुए लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। विभाग ने लोगों से आंधी-पानी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की अपील की है। किसानों को खेतों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। साथ ही वज्रपात के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करने को कहा गया है।

मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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