NEWS PR डेस्क: पश्चिम चंपारण: जब वर्षों से चली आ रही सिंचाई समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो नौतनवा गांव के किसानों ने खुद कमान संभाल ली। ग्रामीणों ने श्रमदान और आर्थिक सहयोग के जरिए करीब दो किलोमीटर लंबी पोइन (छोटा सिंचाई नाला) की सफाई कर न सिर्फ मिसाल पेश की, बल्कि 125 एकड़ कृषि भूमि तक सिंचाई का रास्ता भी खोल दिया।

ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से पोइन में गाद, झाड़-झंखाड़ और कचरा जमा होने के कारण मुख्य नाला का पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा था। इसका सीधा असर खेती और फसल उत्पादन पर पड़ रहा था। किसानों ने कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराया, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता
समस्या से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार स्वयं पहल करने का निर्णय लिया। गांव के गुड्डू, महबूल, राजुल, इजहार, कामिल हसन राजा सहित कई लोगों के नेतृत्व में ग्रामीणों ने चंदा एकत्र किया और श्रमदान करते हुए सफाई अभियान शुरू किया।जेसीबी मशीन और पारंपरिक उपकरणों की मदद से नौतनवा गांव के मुख्य नाला से कब्रिस्तान तक लगभग दो किलोमीटर लंबी पोइन की व्यापक सफाई की गई। कई दिनों की मेहनत के बाद जल निकासी और जल प्रवाह की व्यवस्था पूरी तरह बहाल कर दी गई।
125 एकड़ भूमि को मिला सिंचाई का लाभ
सफाई कार्य पूरा होने के बाद मुख्य नाला का पानी अब बिना किसी बाधा के खेतों तक पहुंचने लगा है। इससे करीब 125 एकड़ कृषि भूमि को सीधा लाभ मिला है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें फसलों की सिंचाई को लेकर चिंता नहीं सताएगी और खेती की लागत भी कम होगी।
जनभागीदारी बनी मिसाल
ग्रामीणों ने कहा कि यदि समाज एकजुट होकर कार्य करे तो कई समस्याओं का समाधान बिना सरकारी सहायता के भी संभव है। नौतनवा गांव का यह सामूहिक प्रयास न केवल क्षेत्र के किसानों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में पोइन और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बार-बार ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट
