जहां कभी नक्सलवाद की गूंज थी, आज वहां कैमरे की रौशनी है: बिहार बन रहा है फिल्मी दुनिया का नया केंद्र

Patna Desk
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कभी हिंसा और डर का पर्याय रहा बिहार का जहानाबाद जिला, अब फिल्मी दुनिया की चकाचौंध का गवाह बनता जा रहा है। राजधानी पटना से मात्र 50 किलोमीटर दूर स्थित यह क्षेत्र अब उन फिल्मकारों की पहली पसंद बन रहा है, जो ग्रामीण परिवेश, सामाजिक मुद्दों और भारतीय परंपराओं को पर्दे पर उतारना चाहते हैं।इन दिनों यहां “प्रोडक्शन नंबर 01” नाम की फिल्म की शूटिंग हो रही है, जिसमें बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा भी अभिनय कर रहे हैं। उनका मानना है कि “बिहार की फिजा अब रचनात्मकता से भर गई है, यहां अब डर नहीं, अवसर हैं।”

बिहार सरकार का बड़ा कदम:

फिल्म नीति और अनुदान योजनाराज्य सरकार ने फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए एक आकर्षक फिल्म नीति लागू की है। इसके तहत:यदि किसी फिल्म की 75% से अधिक शूटिंग बिहार में होती है, तो उसे 2 से 4 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।टीवी सीरियल्स के लिए 1 करोड़ रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है।स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और लेखकों को भी भरपूर प्रोत्साहन मिलेगा।

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बिहार के युवाओं को मिलेंगे नए अवसर-

सरकार का कहना है कि यह नीति सिर्फ फिल्म निर्माण को ही नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं को सृजनात्मक उद्योग से जोड़ने के उद्देश्य से बनाई गई है। इससे रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और बिहार की सांस्कृतिक छवि देश-विदेश में और भी मजबूत होगी।

राजगीर में बनेगा आधुनिक फिल्म सिटी-

जहानाबाद के बाद अगला बड़ा प्रोजेक्ट राजगीर में आकार ले रहा है, जहां 200 एकड़ जमीन पर अत्याधुनिक फिल्म सिटी का निर्माण प्रस्तावित है। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में निम्नलिखित सुविधाएं होंगी:हाईटेक स्टूडियो और सेट्सपोस्ट-प्रोडक्शन लैब्सएडिटिंग और ग्राफिक्स सेंटरफिल्म व टीवी से जुड़े प्रशिक्षण संस्थानडिजिटल साउंड रिकॉर्डिंग और मिक्सिंग सुविधाएंयह फिल्म सिटी केवल हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि भोजपुरी, मैथिली और मगही जैसी स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं को भी समर्थन देगी।

बदलते बिहार की नई पहचान-

जहानाबाद से लेकर राजगीर तक, बिहार सिनेमा के नक्शे पर तेजी से उभर रहा है। यह परिवर्तन न केवल आर्थिक विकास का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता, पहचान और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक अहम कदम है। आने वाले वर्षों में बिहार, भारत के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।

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