सारण के सरकारी स्कूल में बच्चों से छिलवाया जा रहा आलू, फोटो वायरल होने से मचा हड़कंप

Puja Srivastav
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NEWSPR डेस्क। सारण जिले के गड़खा प्रखंड से शिक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी विद्यालय में पढ़ने आए छोटे-छोटे बच्चे किताब-कापी छोड़कर मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की तैयारी में जुटाए जा रहे हैं। मामला गड़खा प्रखंड स्थित एनपीएस रामपुर खाकी बाबा के टोला का है, जहां अक्षर ज्ञान लेने पहुंचे नन्हे बच्चे रसोइया के साथ बैठकर आलू छीलते नजर आए।

ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में पढ़ाई के समय बच्चों से एमडीएम के लिए सब्जी कटवाई और आलू छिलवाए जाते हैं। इससे न सिर्फ उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है, बल्कि मासूम बच्चों का शोषण भी किया जा रहा है। बच्चों के हाथ में किताब की जगह आलू देखकर अभिभावक और ग्रामीण आक्रोशित हैं।

इस पूरे मामले को तब और बल मिला, जब इंटरनेट मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से प्रसारित हुई। तस्वीर में विद्यालय के बच्चे रसोइया के साथ बैठकर आलू छीलते साफ दिख रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि एमडीएम का उद्देश्य बच्चों को पोषण देना है, न कि उनसे रसोई का काम कराना।

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ग्रामीणों की शिकायत यहीं तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि विद्यालय में एमडीएम के तहत बच्चों को न तो अंडा दिया जाता है और न ही पनीर। इसके बावजूद कागजों में मेनू पूरा दिखाया जाता है। आरोप यह भी है कि बच्चों की उपस्थिति अधिक दिखाकर एमडीएम की राशि की हेराफेरी की जा रही है। इस पूरे प्रकरण को लेकर ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों से भी शिकायत की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

इस संबंध में पूछे जाने पर एनपीएस रामपुर खाकी बाबा के टोला, गड़खा के प्रधानाध्यापक विजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि बच्चों को आलू छीलने के काम में लगाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऐसा हुआ है तो यह पूरी तरह गलत है। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल, प्रसारित तस्वीर और ग्रामीणों की शिकायत ने जिले की शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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