NEWS PR डेस्क : बिहार में डिजिटल पंचायत ऐप ‘मेरी पंचायत’ की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में बिहार इस ऐप के डाउनलोड में देश में चौथे स्थान पर है। डिजिटल पंचायत की रेस में बिहार लगातार ऊँचा प्रदर्शन कर रहा है, जबकि पहले स्थान पर उत्तर प्रदेश है।
डिजिटल इंडिया के इस युग में अब ग्रामीण प्रशासन भी सीधे आपके मोबाइल में मौजूद है। भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की पहल, ‘मेरी पंचायत’ ऐप, ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस ऐप के माध्यम से पंचायत से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ—जैसे जनकल्याणकारी योजनाएं, फंड की स्थिति, विकास कार्यों की जानकारी और यहां तक कि मौसम का पूर्वानुमान—एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। इस एकीकृत प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य पंचायत कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना, ग्रामीण जनता और सरकार के बीच सहभागिता मजबूत करना और स्थानीय स्वशासन को मजबूती प्रदान करना है।
मेरी पंचायत ऐप क्या है?
‘मेरी पंचायत’ ऐप ग्रामीण नागरिकों को उनकी ग्राम पंचायत से जुड़ी हर अहम जानकारी तुरंत देखने की सुविधा देता है। चाहे पंचायत का बजट हो, खर्च का विवरण, या चल रही योजनाओं की स्थिति—सब कुछ रियल-टाइम में उपलब्ध है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि जनता का पंचायत प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत होता है। इस ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता पंचायत बजट, प्राप्तियां, भुगतान और विकास योजनाओं की ताज़ा जानकारी आसानी से देख सकते हैं।
इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद उपयोगकर्ता अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों और पंचायत पदाधिकारियों की पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, यह ऐप ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, नागरिक सेवाओं और ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) व परियोजना प्रस्तावों की प्रगति पर नजर रखने की सुविधा भी देता है। ग्राम पंचायत स्तर पर 5-दिन का मौसम पूर्वानुमान देखने, सामाजिक लेखा परीक्षा, निधि उपयोग डेटा और जियो-टैग/जियो-फेंस्ड शिकायत निवारण की जानकारी प्राप्त करने जैसी सुविधाएँ भी इसमें उपलब्ध हैं।
‘मेरी पंचायत’ ऐप 12 भाषाओं में उपलब्ध है और बिहार के ग्रामीण इलाकों में इसे तेजी से अपनाया जा रहा है। अब तक बिहार में इस ऐप को 3,22,772 से अधिक यूजर्स डाउनलोड कर चुके हैं। देशभर में ऐप के उपयोग के मामले में बिहार चौथे स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है।
इस ऐप के माध्यम से ग्रामीण जनता विकास योजनाओं पर सुझाव दे सकती है, चल रहे या पूर्ण किए गए कार्यों की समीक्षा और मूल्यांकन कर सकती है, और ग्राम सभा के एजेंडे व लिए गए निर्णयों की जानकारी भी हासिल कर सकती है। ‘मेरी पंचायत’ ऐप वास्तव में ग्रामीण भारत को स्मार्ट, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम डिजिटल पहल के रूप में उभर रहा है।