राज्यसभा चुनाव में नया ट्विस्ट! अनंत सिंह को वोट देने की अनुमति, 5वीं सीट पर बढ़ी सियासी टक्कर

Asha Rai

NEWS PR डेस्क: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाला चुनाव इस बार काफी दिलचस्प और प्रतिष्ठा का मुकाबला बन गया है। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी महागठबंधन दोनों ही पांचवीं सीट जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी बीच मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह को लेकर कोर्ट के एक फैसले ने चुनावी समीकरण को और भी रोचक बना दिया है।

जी हाँ , दरअसल, राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। बिहार विधानसभा में एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं, जिसके आधार पर चार सीटों पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला कड़ा हो गया है, क्योंकि राजद ने भी अपने उम्मीदवार एडी सिंह को मैदान में उतार दिया है।

इसी बीच मोकामा के विधायक अनंत सिंह को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक एमपी-एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार (13 मार्च 2026) को उन्हें राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार अनंत सिंह को पुलिस कस्टडी में जेल से बिहार विधानसभा लाया जाएगा, जहां वे मतदान करेंगे और इसके बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया जाएगा।

गौरतलब है कि अनंत सिंह इस समय मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड के मामले में जेल में बंद हैं। इसी वजह से यह संशय बना हुआ था कि वे राज्यसभा चुनाव में वोट डाल पाएंगे या नहीं। अब कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद एनडीए को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि इस चुनाव में हर एक वोट बेहद अहम माना जा रहा है।

राजनीतिक गणित की बात करें तो एनडीए के 202 विधायकों के आधार पर चार सीटों पर उसकी जीत लगभग तय है। लेकिन पांचवीं सीट के लिए उसके पास केवल 38 विधायक ही बचते हैं, जबकि जीत के लिए 41 वोट जरूरी हैं। ऐसे में एनडीए को तीन अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी। यही कारण है कि सत्तारूढ़ गठबंधन अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने के साथ-साथ विपक्षी खेमे में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

वहीं दूसरी ओर राजद भी पांचवीं सीट जीतने के लिए पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतरा है। राजद के 25 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 6, वामदलों के 3 और आईपीपी के 1 विधायक का समर्थन मिलाकर यह संख्या 35 होती है। इसके अलावा एआईएमआईएम के 5 विधायक भी हैं। हाल ही में एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी और बातचीत को सकारात्मक बताया था। ऐसे में माना जा रहा है कि एआईएमआईएम के पांचों विधायक राजद उम्मीदवार एडी सिंह का समर्थन कर सकते हैं।

इसके अलावा बसपा के एकमात्र विधायक का समर्थन भी राजद उम्मीदवार को मिलने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो राजद के पास जीत के लिए जरूरी 41 वोट पूरे हो सकते हैं। यही वजह है कि इस बार राज्यसभा की पांचवीं सीट का चुनाव बेहद रोमांचक हो गया है।

एनडीए की ओर से पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर, भाजपा से नितिन नवीन और शिवेश राम, जबकि रालोमो से उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। वहीं राजद की ओर से एडी सिंह चुनावी मैदान में हैं।

अब सबकी निगाहें 16 मार्च को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि राज्यसभा की पांचवीं सीट पर किसकी रणनीति सफल होती है और आखिरकार जीत एनडीए के खाते में जाती है या राजद के।

Share This Article