NEWS PR डेस्क: पटना, 23 मार्च: बिहार दिवस के अवसर पर गांधी मैदान में आयोजित समारोह में कला एवं संस्कृति विभाग का पवेलियन इस बार खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विभागीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने रविवार को पवेलियन का उद्घाटन किया।
‘सेलिब्रेटिंग प्राइड, हेरिटेज एंड कल्चर’ थीम पर आधारित इस पवेलियन में बिहार की समृद्ध कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ बेहद आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। पवेलियन में पारंपरिक कला और डिजिटल तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
यहां लगाए गए डिजिटल इंटरैक्टिव कियोस्क और गेम्स के जरिए आगंतुकों को बिहार की सांस्कृतिक धरोहर से रोचक तरीके से परिचित कराया जा रहा है। वहीं वीआर (वर्चुअल रियलिटी) अनुभव केंद्र के माध्यम से लोग राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का आभासी भ्रमण कर रहे हैं, जो दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है। मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने भी वीआर हेडसेट का अनुभव लिया और इसे बेहद रोचक एवं सराहनीय बताया।
पवेलियन में बाराबर गुफाएं और केसरिया स्तूप जैसे ऐतिहासिक स्थलों का विशेष प्रदर्शन किया गया है। इसके साथ ही जूट कला, मंजूषा कला, सुजनी कढ़ाई, मधुबनी पेंटिंग और टिकुली कला जैसी पारंपरिक लोक कलाओं को भी आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। कलाकारों द्वारा लाइव प्रदर्शन और उत्पादों की प्रदर्शनी ने भी लोगों का ध्यान खींचा है।
इसके अलावा, पवेलियन में लगाए गए आकर्षक विजुअल इंस्टॉलेशन और फोटो प्वाइंट भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव महसूस कर रहे हैं।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी और संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
बिहार दिवस के इस आयोजन में कला एवं संस्कृति विभाग का यह पवेलियन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहा है।