बिहार में सियासी हलचल तेज, 14–15 अप्रैल पर टिकी निगाहें; जानें सत्ता परिवर्तन की पूरी टाइमलाइन

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 13 अप्रैल। बिहार की राजनीति इन दिनों निर्णायक मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। राज्य में संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं और 14 से 15 अप्रैल के बीच बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं। इसी दिन नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगने की भी चर्चा है। इसके अगले दिन यानी 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण की संभावित तैयारी की जा रही है।

इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम लोकभवन पहुंचे। इसे शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, 14 अप्रैल को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को भी बेहद अहम माना जा रहा है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।

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इस बीच मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग पर भी दिनभर राजनीतिक हलचल बनी रही। जदयू के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री यहां पहुंचे, जिनमें संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इसे सत्ता परिवर्तन से पहले की रणनीतिक बैठकों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने कहा है कि पूरी प्रक्रिया तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है और मुख्यमंत्री स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने किसी भी तरह की समस्या से इनकार किया।

दूसरी ओर, भाजपा भी अपने स्तर पर सक्रिय हो गई है। पार्टी ने विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जो 14 अप्रैल को पटना पहुंचेंगे।

कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं, जहां हर गतिविधि पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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