गंगा तट पर चला ‘सम्राट का बुलडोज़र’: पटना में 35 अवैध पक्के निर्माण ध्वस्त, प्रशासन सख्त

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि गंगा तट का यह इलाका जनहित की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ कई विकास योजनाएँ संचालित हो रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी और नदी किनारे अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 27 अप्रैल । पटना में गंगा तट पर अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को अभियान के आठवें दिन गंगा नदी के किनारे विशेष अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाया गया। इस दौरान सभ्यता द्वार से लेकर पटना कलेक्टोरेट के पीछे तक असर्वेक्षित सरकारी भूमि पर बने लगभग 35 अवैध पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि गंगा तट का यह इलाका जनहित की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ कई विकास योजनाएँ संचालित हो रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी और नदी किनारे अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि न केवल मौजूदा अतिक्रमण हटाए जाएँ, बल्कि भविष्य में किसी भी नए अवैध कब्जे को भी रोका जाए। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अभियान में बाधा डालने वालों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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जांच में पाया गया कि गंगा तट की असर्वेक्षित भूमि पर कई स्थानों पर अवैध कब्जा कर निर्माण किए गए थे। प्रशासन के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व निजी स्वार्थ से प्रेरित होकर इन क्षेत्रों में अवैध ढंग से संरचनाएँ खड़ी कर रहे थे, जो चिंताजनक है।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि नदी क्षेत्र की असर्वेक्षित भूमि पूरी तरह सरकारी मानी जाती है और इस पर किसी व्यक्ति का दावा मान्य नहीं है। साथ ही, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और उच्चतम न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया कि फ्लड प्लेन क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित है, चाहे वह निजी जमीन ही क्यों न हो।

प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि गंगा तट को अतिक्रमण मुक्त कर जन-सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।

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