बिहार की सियासत में लगभग दो दशकों तक ‘1 अणे मार्ग’ से शासन चलाने वाले नीतीश कुमार अब 7 सर्कुलर रोड स्थित नए आवास में शिफ्ट हो रहे हैं। शुक्रवार सुबह से ही शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई, जिसमें ट्रैक्टरों के जरिए टेबल, कुर्सियां, गमले और अन्य सामान पुराने आवास से नए बंगले तक पहुंचाए जा रहे हैं, जबकि सजावट के लिए फूल भी मंगाए गए हैं। करीब 20 वर्षों तक ‘1 अणे मार्ग’ बिहार की सत्ता का केंद्र रहा, जहां से कई अहम नीतियां और राजनीतिक फैसले लिए गए।
अब जिस ‘7 सर्कुलर रोड’ आवास में वे जा रहे हैं, वह आधुनिक सुविधाओं से लैस, भूकंपरोधी और विशेष रूप से डिजाइन किया गया भवन है, जिसका उपयोग पहले मुख्यमंत्री कार्यालय के रूप में किया जाता था। इस शिफ्टिंग के बाद एक दिलचस्प राजनीतिक स्थिति भी बनेगी, क्योंकि राबड़ी देवी का आवास यहां से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर है, जिससे लालू प्रसाद यादव का परिवार और मुख्यमंत्री अब लगभग पड़ोसी हो जाएंगे।
गौरतलब है कि 2014 में मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद जीतन राम मांझी को जिम्मेदारी देने के समय भी नीतीश कुमार इसी आवास में रह चुके हैं और यहीं से उन्होंने 2015 में सत्ता में वापसी की रणनीति बनाई थी। वहीं नीतीश कुमार के लिए नंबर 7 हमेशा से ‘लकी’ रहा है। उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण पड़ाव इस अंक से जुड़े हैं।
राजनीति की शुरुआत: 1977 में राजनीतिक सफर का आगाज किया।
गाड़ी का नंबर: पहली बार सीएम बनने पर मिली गाड़ी का नंबर 777 था।
योजनाएं: उनकी महत्वाकांक्षी योजनाओं का नाम ‘7 निश्चय’ है।
अध्यक्ष: 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने।
बिहार की राजनीति में नया अध्याय: नीतीश कुमार का ‘1 अणे मार्ग’ से ‘7 सर्कुलर रोड’ शिफ्ट
नया पता, नई सियासत—बिहार में बदलाव के संकेत”