NEWS PR डेस्क: पटना, 12 मई। नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकार और परीक्षा एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मुकेश सहनी ने कहा कि देशभर के लाखों छात्रों की मेहनत, मानसिक दबाव और भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के बाद परीक्षा रद्द करना इस बात का प्रमाण है कि एनडीए सरकार देश की परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में पूरी तरह विफल रही है।

उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी नीट 2024 में पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवाद को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश देखने को मिला था। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली तथा पेपर लीक के मामले लगातार सामने आते रहे हैं।
वीआईपी प्रमुख ने कहा कि बार-बार ऐसी घटनाएं होना यह दर्शाता है कि सरकार अब तक कोई मजबूत और जवाबदेह व्यवस्था विकसित नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा कि बिहार और देश का युवा अब यह जानना चाहता है कि उसकी मेहनत और भविष्य की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा।

मुकेश सहनी ने कहा कि छात्र और उनके परिवार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में करोड़ों रुपये और कई वर्षों का समय खर्च करते हैं, लेकिन हर साल परीक्षा माफिया और भ्रष्ट तंत्र उनके सपनों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल जांच और कार्रवाई की बातें करती है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई स्थायी समाधान नहीं दिख रहा है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार लागू किए जाएं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को राजनीतिक संरक्षण देना बंद किया जाए। मुकेश सहनी ने कहा कि अब देश का युवा केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाब चाहता है।