बिहार में संभावित बाढ़ और सुखाड़ को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिए तैयारी के निर्देश

आपदा से निपटने को तैयार बिहार—बाढ़ और सुखाड़ की चुनौती पर सरकार अलर्ट

Rashmi Tiwari
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ सभागार में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ के पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक भी जुड़े रहे।बैठक में बिहार मौसम सेवा केन्द्र, पटना के अधिकारी ने इस वर्ष मॉनसून सत्र के दौरान वर्षापात के पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए बताया कि जून तथा जुलाई माह में सामान्य से कम वर्षा, अगस्त माह में समान्य वर्षा तथा सितंबर माह में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। दक्षिण बिहार में औसत से कम वर्षा तथा उत्तर बिहार में सामान्य वर्षा की संभावना है।

बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों से संबंधित मुख्य बातों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया (एस०ओ०पी०) के अनुसार बाढ़ पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। सभी जिलों एवं संबद्ध विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने नाव संचालन, पॉलिथिन शीट, राहत सामग्री की उपलब्धता, दवा, पशुचारा, बाढ़ आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन पैकेट्स/फूड पैकेट्स, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र आदि के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी।

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बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिह, डेयरी, मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव राजेश कुमार ने अपने-अपने विभागों द्वारा संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने को लेकर की गई तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ० उदय कांत ने बाढ़/सुखाड़ आदि आपदाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने तथा आपदा के क्षेत्र में किये गये कार्यों के बारे में जानकारी दी।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि बाढ़ और सुखाड़ दोनों की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी विभाग के अधिकारी और जिलाधिकारी पूरी तरह अलर्ट रहें। आपदा को विपदा न बनने दें। लोगों को आपदा की स्थिति में पूरा सहयोग करें। सरकार लोगों के साथ है। राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति में प्रभावितों को हरसंभव मदद करती है, इसे ध्यान में रखते हुये सभी संबद्ध विभाग और अधिकारी सतर्क रहें। जिन क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका रहती है, वहां के तटबंधों और सड़कों का निर्माण कार्य 31 मई से पूर्व ही पूर्ण कर लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग सतत् अनुश्रवण करते रहे तथा यह सुनिश्चित करें कि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, आवश्यकता अनुसार सभी व्यवस्थायें ससमय पूरी करें। भू-जलस्तर पर नजर रखें और पेयजल का इंतजाम रखें। बाढ़ की स्थिति में पशुओं के लिये सूखा चारा की व्यवस्था रखें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष गर्मी ज्यादा है। इसे ध्यान में रखते हुये सभी प्रकार की तैयारी रखें और लोगों को सचेत करें। हर चीज पर नजर रखनी है और पूरी तरह से सतर्क रहना है। मुस्तैदी के साथ सभी लोग लगे रहेंगे तो आपदा की स्थिति में लोगों को राहत मिलेगी। अन्तरविभागीय समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि लोगों को सुविधा और सहूलियत मिले।

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ० उदय कांत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ० गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक जुड़े हुए थे।

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