NEWS PR डेस्क: मधुबनी, 6 जून। कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा शनिवार को मधुबनी में मेगा कृषि ऋण आउटरीच कैंप का आयोजन किया गया। जिला उद्योग केंद्र के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान जिले के 200 से अधिक लाभुकों को 10 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि स्वीकृत एवं वितरित की गई।
अग्रणी जिला प्रबंधक गजेंद्र मोहन झा ने बताया कि जिले में संचालित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सभी 20 शाखाओं ने इस विशेष अभियान में भाग लिया। किसानों, स्वयं सहायता समूहों और कृषि आधारित उद्यमों को विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), डेयरी विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन, फूड प्रोसेसिंग तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) सहित कई योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना तथा स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना था।
शिविर में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जीविका के जिला परियोजना पदाधिकारी, आरसेटी के निदेशक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न शाखाओं के शाखा प्रबंधक एवं कृषि वित्त पदाधिकारी (एएफओ) भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के ऋण शिविर किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा इससे जिले में कृषि आधारित रोजगार और उत्पादन को नई गति मिलेगी।