NEWS PR डेस्क: पटना, 14 जून। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बाल हृदय योजना’ जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। योजना के तहत शनिवार को स्वास्थ्य भवन, पटना से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 32 बच्चों को निःशुल्क इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा गया। यह इस योजना का 100वां बैच है।
इस अवसर पर बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया तथा शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। बच्चों को श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे के इलाज में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि ‘बाल हृदय योजना’ इसी सोच का परिणाम है, जिसके माध्यम से हजारों बच्चों को नया जीवन मिला है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

मंत्री ने जानकारी दी कि 100वें बैच में बक्सर से 3, पूर्वी चंपारण से 2, जहानाबाद से 3, खगड़िया से 1, मधेपुरा से 2, मधुबनी से 1, मुंगेर से 2, नालंदा से 5, पटना से 7, समस्तीपुर से 3 और वैशाली से 3 बच्चे शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत अप्रैल 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सात निश्चय-2 के अंतर्गत ‘सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा’ के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग, विशेष रूप से हृदय में छेद की समस्या से पीड़ित 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क जांच, सर्जरी और इलाज की सुविधा दी जाती है।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार अब तक राज्य के 3101 बच्चों का सफल इलाज कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस योजना ने जहां हजारों बच्चों को नई जिंदगी दी है, वहीं उनके परिवारों को आर्थिक बोझ से भी राहत पहुंचाई है।
उन्होंने बताया कि राज्यभर में नियमित स्क्रीनिंग अभियान और स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ऐसे बच्चों की पहचान की जाती है। चिकित्सकीय जांच के बाद चयनित बच्चों को आईजीआईसी, आईजीआईएमएस, मेदांता अस्पताल तथा श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में इलाज के लिए भेजा जाता है।
कार्यक्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय, अपर कार्यपालक निदेशक डॉ. अनुपमा सिंह, स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव कौशलेंद्र कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
