NEWS PR डेस्क, गया: नक्सल प्रभावित गया जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। लुटुआ थाना क्षेत्र के जंगलों में चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान CRPF और पुलिस ने हथियार, जिंदा कारतूस, डेटोनेटर, बैटरी और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल किसी बड़ी घटना को अंजाम देने में किया जा सकता था, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।

जंगल में चलाया गया सर्च एंड डिस्ट्रॉय अभियान
जानकारी के अनुसार, 47वीं बटालियन CRPF के कमांडेंट अवधेश कुमार के निर्देशन में और सहायक कमांडेंट राजेश कुमार मौर्य के नेतृत्व में CRPF जवानों तथा लुटुआ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम डुमरी के जंगलों में विशेष “सर्च एंड डिस्ट्रॉय अभियान” चलाया।मंगलवार को चलाए गए इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखे गए हथियार और अन्य सामग्री बरामद की।
क्या-क्या हुआ बरामद?
सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने निम्नलिखित सामान बरामद किया—
एक भरमार बंदूक
AK-47 के पांच जिंदा कारतूस
AK-47 का एक खाली खोखा
SLR के दो जिंदा कारतूस
SLR का एक खाली खोखा
एक इलेक्ट्रिक डेटोनेटर
12 वोल्ट की एक बैटरी
हथियारों की सफाई से जुड़े पांच उपकरण
लगभग 20 मीटर इलेक्ट्रिक वायर
बरामद सामग्री को सुरक्षा बलों ने जब्त कर लिया है और उसकी जांच की जा रही है।
नक्सली गतिविधियों से जोड़कर देख रही एजेंसियां
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों के कारण असामाजिक तत्व और उग्रवादी संगठन हथियार एवं विस्फोटक सामग्री को जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन सामग्रियों का उपयोग किसी बड़ी साजिश या हिंसक घटना को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इसकी स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
SSP ने क्या कहा?
गया के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) सुशील कुमार ने बताया कि लुटुआ थाना क्षेत्र के पहाड़ी इलाके से हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बरामद भरमार बंदूक काफी पुरानी प्रतीत होती है और अन्य सामग्री भी लंबे समय से वहां छिपाकर रखी गई लगती है।उन्होंने बताया कि सभी बरामद सामान को जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही क्षेत्र में सर्च अभियान और खुफिया निगरानी को और तेज किया गया है।
नक्सल विरोधी अभियान को मिली मजबूती
पुलिस और CRPF की इस संयुक्त कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सुरक्षा बल लगातार जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में अभियान चलाकर उग्रवादी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
