भरत तिवारी एनकाउंटर पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उठाए सवाल, बिहार सरकार से विशेष जांच की मांग

भरत तिवारी केस में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एंट्री, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

Rashmi Tiwari
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क : भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में बहस लगातार तेज होती जा रही है। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बाद अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार से निष्पक्ष एवं विशेष जांच कराने की मांग की है।


महाराष्ट्र के भिवंडी में आयोजित अपने दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि विदेश यात्रा से लौटने के बाद उन्हें भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराधी भी हो, तब भी उसे दंडित करने का अधिकार केवल न्यायपालिका को है और किसी भी परिस्थिति में कानून की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि भरत तिवारी सनातन धर्म और हिंदू हितों से जुड़े कार्यों में सक्रिय था। ऐसे में यदि उसके खिलाफ कोई आरोप थे, तो कानून के तहत निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी।
मुख्यमंत्री से विशेष जांच की मांग
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले की विशेष जांच कराने का आग्रह करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आना जरूरी है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से न केवल इस मामले के तथ्यों का खुलासा होगा, बल्कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न होने से रोका जा सकेगा।
रामायण का उदाहरण देकर कही शरणागत की रक्षा की बात
अपने प्रवचन के दौरान उन्होंने सनातन परंपरा में शरणागत की रक्षा को सर्वोच्च धर्म बताया। उन्होंने रामायण के विभीषण प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जो व्यक्ति शरण में आ जाए, उसकी रक्षा करना धर्म का महत्वपूर्ण सिद्धांत है। साथ ही उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भविष्य में परिवार से मुलाकात करने की बात भी कही।
बागेश्वर धाम से जुड़ा रहा था भरत तिवारी
उल्लेखनीय है कि भरत तिवारी वर्ष 2023 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब उसने हिंदू राष्ट्र के संकल्प के साथ आरा से मध्य प्रदेश स्थित बागेश्वर धाम तक पैदल यात्रा शुरू की थी। उसकी इस यात्रा ने व्यापक चर्चा बटोरी थी और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भी हुई थी। इसके बाद भरत तिवारी की पहचान हिंदुत्व और सनातन धर्म से जुड़े कार्यकर्ता के रूप में तेजी से बढ़ी और वह कई संगठनों के बीच चर्चित चेहरा बन गया

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article