बिहार को रेलवे की बड़ी सौगात: ₹499 करोड़ से होगा मानसी-सहरसा रेलखंड का दोहरीकरण, बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली/पटना, 01 जुलाई। बिहार में रेल नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने बड़ी पहल की है। रेलवे ने पूर्व मध्य रेलवे के 44.40 किलोमीटर लंबे मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण (डबलिंग) को मंजूरी दे दी है। करीब 499 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने से रेल परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु होगा और मालगाड़ियों की आवाजाही भी तेज एवं आसान हो सकेगी।

रेल मंत्रालय के अनुसार मानसी-सहरसा खंड फिलहाल मानसी-सारागढ़ रेल मार्ग का एकल लाइन कॉरिडोर है, जहां यात्रियों और मालगाड़ियों का भारी दबाव रहता है। इस मार्ग पर प्रत्येक दिशा में 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें संचालित होती हैं। इसके अलावा गेहूं, मक्का, गिट्टी, उबला चावल, सीमेंट, उर्वरक, चावल, नमक, रेत, पत्थर और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुओं का बड़े पैमाने पर परिवहन भी इसी रेलखंड से किया जाता है।

क्षमता से अधिक चल रहा है रेल संचालन

रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, इस रेलखंड की मौजूदा लाइन क्षमता का उपयोग 108.11 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जबकि वर्ष 2028-29 तक इसके 119.34 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में बढ़ती मांग को देखते हुए दूसरी रेल लाइन का निर्माण आवश्यक माना गया है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

दोहरीकरण परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रेनों के क्रॉसिंग में लगने वाला समय कम होगा और यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा। साथ ही परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी और भविष्य में इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी खुलेगा।

माल ढुलाई क्षमता में होगा बड़ा इजाफा

रेलवे का अनुमान है कि इस परियोजना के चालू होने के बाद इस रेलखंड पर हर वर्ष अतिरिक्त 1.764 मिलियन टन (एमटीपीए) माल ढुलाई संभव होगी। इससे कृषि उत्पादों, निर्माण सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति अधिक तेज और प्रभावी ढंग से हो सकेगी। विशेष रूप से गेहूं, मक्का, सीमेंट, उर्वरक और चीनी जैसी वस्तुओं की ढुलाई को बड़ा लाभ मिलेगा।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

रेलवे का मानना है कि मानसी-सहरसा रेलखंड का दोहरीकरण न केवल परिचालन क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि बिहार के कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों को भी नई गति देगा। बेहतर रेल संपर्क से लॉजिस्टिक्स व्यवस्था मजबूत होगी, माल परिवहन की दक्षता बढ़ेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।

भारतीय रेलवे ने कहा है कि यह परियोजना देशभर के अधिक मांग वाले रेल मार्गों पर क्षमता विस्तार की उसकी व्यापक योजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, तेज और समयबद्ध रेल सेवा उपलब्ध कराना तथा माल ढुलाई को अधिक कुशल और विश्वसनीय बनाना है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article