NEWS PR डेस्क: पटना, 8 जुलाई। बिहार की महत्वाकांक्षी सड़क एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से पथ निर्माण विभाग ने यूटिलिटी शिफ्टिंग और विभिन्न विभागों से मिलने वाली मंजूरियों की प्रक्रिया में तेजी लाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI), राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तथा नए बाईपास निर्माण के दौरान आ रही बाधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में बिजली के खंभों और हाई-टेंशन लाइनों के स्थानांतरण, जलापूर्ति पाइपलाइनों की शिफ्टिंग, नहर क्रॉसिंग के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और अन्य तकनीकी अड़चनों को जल्द दूर करने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
बैठक में उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार, दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल, पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव डॉ. शैलजा शर्मा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के अभियंता प्रमुख, जल संसाधन विभाग (WRD) के अधिकारी, GAIL के प्रतिनिधि सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के पदाधिकारी भी बैठक से जुड़े।
अरवल-बिहारशरीफ फोरलेन परियोजना की समीक्षा
बैठक में 89 किलोमीटर लंबी अरवल-बिहारशरीफ फोरलेन परियोजना (NH-33) की प्रगति की समीक्षा की गई। यह सड़क अरवल, जहानाबाद और नालंदा जिलों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है।

सचिव ने बताया कि बिजली के खंभों और हाई-टेंशन लाइनों को हटाने के लिए अरवल, जहानाबाद, पटना ग्रामीण और एकंगरसराय विद्युत प्रमंडलों में संयुक्त सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राक्कलन जल्द अंतिम रूप देकर यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे में पाइपलाइन शिफ्टिंग तेज करने का निर्देश
बिहार के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना की समीक्षा के दौरान जलापूर्ति पाइपलाइन, चापाकल और सीवरेज संरचनाओं के स्थानांतरण की प्रगति पर चर्चा हुई।
दरभंगा, समस्तीपुर और सहरसा प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को लंबित आकलनों को तत्काल स्वीकृत कर मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।
राम जानकी मार्ग के लिए एक सप्ताह में NOC देने का निर्देश
मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ (राम जानकी मार्ग) परियोजना के अंतर्गत सारण, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण में प्रस्तावित नहर क्रॉसिंग संरचनाओं को लेकर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने का निर्देश दिया गया।
जयनगर बाईपास परियोजना में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
जयनगर उत्तरी एवं दक्षिणी बाईपास (NH-227) परियोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि करीब 20 किलोमीटर लंबे दोनों बाईपासों के निर्माण से जयनगर शहर को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
झंझारपुर प्रमंडल के तहत बाढ़ नियंत्रण विभाग के साथ संयुक्त सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और जल संसाधन विभाग को तकनीकी स्वीकृति के लिए अनुशंसा भेज दी गई है।
बेतिया-मंगलपुर सड़क परियोजना पर भी जोर
बैठक में बेतिया-मंगलपुर सड़क परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पश्चिमी और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाली इस परियोजना में विद्युत उपयोगिताओं और रेलवे क्रॉसिंग से जुड़ी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए गए। मोतिहारी और बेतिया प्रमंडलों में यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य तेज करने को कहा गया।
भारत-नेपाल सीमा से जुड़ी परियोजनाओं को भी मिलेगी गति
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन (NH-22) और मणिकपुर-साहिबगंज मार्ग (NH-139W) परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सचिव ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने वाली इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में नहर क्रॉसिंग से जुड़े सभी लंबित NOC मामलों का निपटारा इसी सप्ताह किया जाए।
हर विभाग में बनेगा नोडल अधिकारी
बैठक के दौरान सचिव पंकज कुमार पाल ने निर्देश दिया कि यूटिलिटी शिफ्टिंग और अन्य आवश्यक स्वीकृतियों के लिए प्रत्येक संबंधित विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
उन्होंने सभी विभागों को बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए भूमि अधिग्रहण, बिजली के खंभों एवं तारों की शिफ्टिंग, पाइपलाइन स्थानांतरण और NOC से जुड़े सभी मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
“जनहित की परियोजनाओं में देरी स्वीकार नहीं”
बैठक को संबोधित करते हुए सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी प्रमुख सड़क एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को समय पर पूरा करना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर देरी या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को कार्ययोजना में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी बाधाओं को दूर कर परियोजनाओं को गति देने का निर्देश दिया। सचिव ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी और कृषि क्षेत्र को भी व्यापक लाभ पहुंचेगा।
