पटना/खगड़िया, 29 जुलाई। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड में मनरेगा के दो अधिकारियों को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) रमन जी और लेखापाल मो. शाहिद अकरम शामिल हैं।
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या-088/26 दिनांक 24 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता विपिन कुमार, निवासी मिश्रारीडीह, थाना अलौली, जिला खगड़िया ने आरोप लगाया था कि मनरेगा योजना के तहत आपूर्ति की गई सामग्रियों के बिल भुगतान के एवज में कार्यक्रम पदाधिकारी और लेखापाल द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने उसका सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर पुलिस उपाधीक्षक मो. वसीम फिरोज के नेतृत्व में विशेष धावा दल का गठन किया गया।
मंगलवार को कार्रवाई करते हुए टीम ने दोनों आरोपियों को अलौली प्रखंड कार्यालय परिसर से 45 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विशेष न्यायालय में होगी पेशी
निगरानी ब्यूरो ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें विशेष न्यायालय (निगरानी), भागलपुर में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधानात्मक कार्रवाई जारी है।
वर्ष 2026 का 88वां भ्रष्टाचार मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज यह 88वीं प्राथमिकी है। इनमें 81 ट्रैप कांड दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें अब तक 82 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक ट्रैप मामलों में 29,63,800 रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई है। वहीं, वर्ष 2025 में 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और 37,80,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी।
