हल्की बारिश में चौथी बार बही पुलिया, गया के 12 से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित; ग्रामीणों ने पूछा—स्थायी समाधान कब?

Shreya Raj
हल्की बारिश में चौथी बार बही पुलिया, 12 से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित।

NEWS PR डेस्क: गया: हल्की बारिश ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था की पोल खोल दी है। गया जिले के इमामगंज प्रखंड अंतर्गत मंझौली पंचायत में भूतही नदी पर बनी पुलिया पानी का दबाव बढ़ते ही चौथी बार टूटकर बह गई। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से 12 से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। हर बरसात में पुलिया के टूटने से परेशान ग्रामीण अब प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

हर बारिश में बह जाती है पुलिया, ग्रामीणों की बढ़ती है परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही उन्हें इस पुलिया के टूटने की चिंता सताने लगती है। इससे पहले भी यह पुलिया बारिश के दौरान दो से तीन बार बह चुकी है। हर बार अस्थायी मरम्मत कर आवागमन शुरू कर दिया जाता है, लेकिन मजबूत और स्थायी निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

इस बार हल्की बारिश के बाद पानी का दबाव बढ़ते ही पुलिया एक बार फिर बह गई। चौथी बार पुलिया टूटने से लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि आखिर कब तक गांवों के लोग कागजी मरम्मत और अस्थायी इंतजाम के भरोसे आवागमन करते रहेंगे।

पुलिया टूटने से 12 से अधिक गांवों की बढ़ी मुश्किलें

पुलिया बहने के बाद आसपास के कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित हो गया है। इससे 12 से अधिक गांवों के लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ज्यादा मुश्किल स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से बाहर जाने वाले ग्रामीणों को हो रही है। लोगों का कहना है कि इस रास्ते के बंद होने से उनकी दैनिक जिंदगी प्रभावित हो गई है।

मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी बना चुनौती

ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दिनों में यह रास्ता उनके लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं है। पुलिया टूटने के बाद आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।

लोगों का कहना है कि यदि किसी मरीज की हालत गंभीर हो जाए तो समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो सकता है। बच्चों को स्कूल जाने और ग्रामीणों को जरूरी कामों के लिए मुख्य सड़क तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगा मजबूत और स्थायी निर्माण

बार-बार पुलिया टूटने से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल आवागमन बहाल कराने की मांग की है साथ ही उन्होंने भूतही नदी पर ऐसी मजबूत और स्थायी पुलिया बनाने की मांग की है, जो बारिश और पानी के तेज दबाव को झेल सके।

ग्रामीणों का कहना है कि हर साल अस्थायी मरम्मत पर सरकारी राशि खर्च करने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जाना चाहिए।

बोले ग्रामीण—आश्वासन नहीं, अगली बारिश से पहले चाहिए समाधान

मंझौली पंचायत के लोगों का कहना है कि पुलिया का बार-बार बहना सिर्फ एक सड़क या रास्ते की समस्या नहीं है। इससे दर्जनों गांवों के हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है।

ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल किया है कि क्या हर साल बारिश के साथ यह रास्ता टूटता रहेगा या फिर कोई मजबूत और स्थायी समाधान किया जाएगा। लोगों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसा निर्माण चाहिए, जिससे अगली बरसात में उन्हें फिर से इसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

गया से रिपोर्टर : आशीष कुमार

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