बिहार में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 से 18 सितंबर के बीच राज्य के कई इलाकों में बादल छाने के साथ तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर बारिश होने की भी संभावना है।
इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नहीं रहने की सलाह दी गई है।

15 सितंबर को इन जिलों में रहेगा ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार 15 सितंबर को उत्तर और पश्चिम बिहार के कई जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है। कुल 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गरजते बादलों के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।
16 और 17 सितंबर को भी सावधानी जरूरी
मौसम का प्रभाव अगले दो दिनों तक भी जारी रहने का अनुमान है। 16 और 17 सितंबर को भी उक्त 19 जिलों में तेज हवा, बादल गरजने और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के कारण कमजोर पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
18 सितंबर को पूर्वी बिहार की ओर बढ़ेगा असर
18 सितंबर को मौसम संबंधी गतिविधियों का दायरा उत्तर-पूर्वी और पूर्वी बिहार की तरफ रहने की संभावना है। इस दिन सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में आंधी और बारिश की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई में भी तेज हवा के साथ बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
आंधी के दौरान क्या रखें ध्यान?
तेज हवा और वज्रपात की स्थिति में लोगों को खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहना बेहतर होगा। बिजली के खंभों, कमजोर निर्माण और खुले तारों से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।