जंतर-मंतर मारपीट मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी राहत, दिल्ली कोर्ट ने दी 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत

Shreya Raj
स्वतंत्र भारद्वाज की तस्वीर, जंतर-मंतर प्रदर्शन और उनसे जुड़े मामले के संदर्भ में।

NEWS PR डेस्क: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने मंगलवार को यह आदेश सुनाया। स्वतंत्र भारद्वाज इस मामले में न्यायिक हिरासत में थे।

जुलाई के प्रदर्शन से जुड़ा है पूरा मामला

यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने एक छात्र कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। पुलिस के अनुसार, इस घटना में संजय कुमार को चोटें आई थीं। शुरुआती जानकारी में चोटों को साधारण प्रकृति का बताया गया था।

स्वतंत्र भारद्वाज को सितंबर की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाकर 21 सितंबर तक कर दी थी।

SC/ST एक्ट और पॉक्सो के तहत भी मामला दर्ज

मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधान लगाए गए हैं। इसके अलावा छात्र कार्यकर्ता की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत अलग प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। पुलिस ने कथित ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के आरोपों की भी जांच शुरू की है।

रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती एफआईआर में साधारण चोट पहुंचाने और गलत तरीके से रोकने से संबंधित धाराएं लगाई गई थीं। बाद में शिकायत और जांच के आधार पर एससी/एसटी एक्ट तथा अन्य गंभीर प्रावधान जोड़े गए।

नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के बीच राहत

स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से नियमित जमानत की याचिका दाखिल की गई थी। अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई के दौरान मंगलवार को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया। खास बात यह है कि अदालत के सामने अंतरिम जमानत के लिए अलग से आवेदन नहीं दिया गया था। आदेश का विस्तृत कारण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।

इससे पहले स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, क्योंकि तब तक उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था।

बचाव पक्ष ने लगाए राजनीतिक कारणों से गिरफ्तारी के आरोप

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया कि स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से की गई। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि कथित घटना में शिकायतकर्ता की ओर से भी हमला किया गया था और इसका वीडियो मौजूद है हालांकि, पुलिस ने शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।

पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले में लगाए गए आरोपों के आधार पर कार्रवाई का बचाव किया है। अदालत ने अंतरिम जमानत दी है, लेकिन इससे आरोपों की सत्यता पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।

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