‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेवारी’: पोषण माह में घर-घर जागरूकता फैलाएंगी जीविका दीदियां

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार बिहार में 9 सितम्बर से 8 अक्टूबर 2026 तक 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष “हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेवारी” थीम पर आधारित पोषण माह का उद्देश्य कुपोषण के विरुद्ध जन-आंदोलन को और सशक्त बनाना तथा सामुदायिक स्तर पर पोषण के प्रति जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन लाना है।
पिछले आठ साल से जारी पोषण माह अभियान का प्रति वर्ष जीविका दीदियों ने सफलता पूर्वक संचालन किया है, जिसके सापेक्षित परिणाम भी मिले हैं l लोगों में अपने स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता आई है l संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव में बढ़ोतरी हुई है और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है l

अभियान के तहत लक्षित ग्रामीण महिलाएं एवं नवजात के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को धरातल पर उतारने में बिहार की जीविका दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक साबित हो रही है। जीविका के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की दीदियाँ आज केवल आर्थिक सशक्तीकरण का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की वाहक भी हैं।
जीविका के 11.88 लाख स्वयं सहायता समूहों, 73 हजार से अधिक ग्राम संगठनों और 1684 संकुल स्तरीय संघों में इस अभियान को योजनाबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है l पोषण माह के सफल क्रियान्वयन हेतु जीविका कर्मियों, संकुल स्तरीय संघ के पदाधिकारियों, मास्टर रिसोर्स पर्सन, सामुदायिक पोषण संसाधन सेवी एवं जीविका मित्रों ने पूरी सक्रियता के साथ अभियान को नई गति प्रदान की है।
अभियान के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए गर्भवती महिला, धात्री महिला एवं 7 से 23 माह के बच्चों को लक्षितकर कार्य किया जा रहा है l

राष्ट्रीय पोषण माह के तहत गतिविधियों को त्रि-स्तरीय रणनीति के तहत सामुदायिक संगठनो द्वारा संचालित किया जा रहा है –

  1. स्वयं सहायता समूह स्तर पर- प्रत्येक समूह की साप्ताहिक बैठक में पोषण पर चर्चा अनिवार्य की गई है। बैठकों में संतुलित आहार, स्थानीय मोटे अनाज के उपयोग, एनीमिया से बचाव, स्तनपान के महत्व, 7 से 23 माह के नवजात की देखभाल एवं उसके बाद बाद पूरक आहार, किचन गार्डन एवं साफ-सफाई पर विशेष चर्चा की जा रही है। जीविका दीदियों को अपने-अपने घरों में पोषण वाटिका लगाने हेतु प्रेरित किया जा रहा हैं।
  2. ग्राम संगठन स्तर पर- ग्राम संगठनों द्वारा पोषण संबंधी रैलियों, प्रभात फेरियों, आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय बैठक, किशोरी बालिकाओं के लिए माहवारी स्वच्छता एवं एनीमिया जाँच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की गोदभराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रमों को पोषण संदेश के साथ जोड़ा जा रहा है।
  3. संकुल स्तरीय संघ स्तर पर – संकुल संघ द्वारा प्रखंड एवं जिला प्रशासन, समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ अभिसरण स्थापित कर बड़े स्तर पर पोषण प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है l
    अभियान की सबसे बड़ी ताकत जीविका द्वारा प्रशिक्षित स्वास्थ्य एवं पोषण विधा मास्टर रिसोर्स पर्सन, सामुदायिक पोषण संसाधन सेवी एवं जीविका मित्र है। अभियान का जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर के जीविका कर्मियों द्वारा निरंतर अनुश्रवण किया जा रहा है।
    मास्टर संसाधन सेवी द्वारा समुदाय को प्रशिक्षित किया जा रहा है। वहीं जमीनी स्तर पर सामुदायिक पोषण संसाधन सेवी प्रत्येक लक्षित परिवार तक पहुँचकर पोषण व्यवहार एवं अभियान के महत्व को समझा रही हैं। जीविका मित्र घर-घर जाकर महिलाओं को शिशुओं की वृद्धि की निगरानी, टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरित कर रही हैं। जिला स्तर पर पोषण माह अभियान का अनुश्रवण एवं निगरानी जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका द्वारा प्रतिदिन किया जा रहा है l
    9 सितंबर से 8 अक्तूबर 2026 तक जारी यह पोषण माह अभियान कुपोषण मुक्त बिहार की दिशा में एक और सफलता की कड़ी के रूप में उभरेगी। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जीविका दीदियों ने इस अभियान को जन-आंदोलन बनाया है और कुपोषित से पोषित बिहार के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित कर रही हैंl
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