NEWS PR डेस्क: भागलपुर: बरारी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सरकारी मकान पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि निष्कासन आदेश और प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद कब्जाधारी बार-बार सरकारी सील और ताला तोड़कर मकान में प्रवेश कर रहा है। मामला एलआईजी मकान संख्या 6 एलएच-01 से जुड़ा है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, मकान के मूल आवंटी योगेंद्र दास हैं। मामले में बिहार राज्य आवास बोर्ड के सक्षम प्राधिकार की ओर से पहले ही निष्कासन का आदेश जारी किया जा चुका है।
2022 में अवैध कब्जाधारी घोषित कर मकान खाली करने का आदेश
दस्तावेजों के मुताबिक, बिहार राज्य आवास बोर्ड के सक्षम प्राधिकार ने निष्कासन वाद संख्या 62/2021 में 18 जुलाई 2022 को नरेश नन्दन चौधरी को अवैध कब्जाधारी घोषित किया था। आदेश में मकान खाली करने के साथ 1 लाख 57 हजार 110 रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति और अतिरिक्त दंड का भी प्रावधान किया गया था।
इसके बाद 7 सितंबर 2022 को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में मकान को खाली कराया गया और उसे सील कर दिया गया। आरोप है कि कुछ समय बाद सरकारी सील तोड़कर दोबारा मकान पर कब्जा कर लिया गया।
2023 में फिर सील हुआ मकान, लेकिन नहीं हटा कब्जा
मामले में प्रशासन की ओर से दोबारा कार्रवाई की गई और 4 नवंबर 2023 को मकान को फिर से सील किया गया। इसके बावजूद आरोप है कि मकान से कब्जा नहीं हटाया गया। लगातार कार्रवाई के बाद भी सरकारी मकान को लेकर विवाद जारी रहा।
हाउसिंग बोर्ड की ओर से समय-समय पर मकान को कब्जामुक्त कराने की कोशिश की गई, लेकिन मूल आवंटी के मुताबिक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। बिहार में हाउसिंग बोर्ड के मकानों से जुड़े कब्जे और निष्कासन मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ न्यायिक हस्तक्षेप के उदाहरण भी सामने आए हैं।
25 सितंबर को फिर हुई कार्रवाई, रात में सील तोड़ने का आरोप
बताया गया कि 25 सितंबर 2026 को मजिस्ट्रेट, हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालक अभियंता और पुलिस की मौजूदगी में एलआईजी मकान संख्या 6 एलएच-01 को एक बार फिर सील किया गया। आरोप है कि उसी रात कब्जाधारी ने सरकारी सील और ताला तोड़ दिया और दोबारा मकान के अंदर प्रवेश कर गया।
घटना के बाद मूल आवंटी योगेंद्र दास ने हाउसिंग बोर्ड प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और मकान को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। मामले में प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
भागलपुर से रिपोर्टर: शयामानंद सिह