NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की एक उड़ान में गंभीर हमले के बावजूद विमान को बड़े हादसे से बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉल पर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित के साहस, धैर्य और सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि उनके अदम्य साहस ने अनगिनत यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
दरअसल बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान ओमानी मूल के को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू किया।
30 सेकंड में करीब 14 हजार फीट नीचे आया विमान
घटना के दौरान बोइंग 737 मैक्स विमान करीब 30 सेकंड में लगभग 14,000 फीट नीचे आ गया। विमान में मौजूद दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा।
गुजरात के रहने वाले कैप्टन स्मित मछार ने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान बताया कि कॉकपिट में उन पर कई बार हमला किया गया था और गंभीर रूप से घायल होकर वह नीचे गिर गए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें विमान उड़ाने का 17 वर्षों का अनुभव है, जबकि 11 वर्षों से वह कैप्टन के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
कैप्टन स्मित ने बताया कि जमीन पर गिरने के बावजूद उन्हें महसूस हो गया था कि विमान तेजी से नीचे की ओर जा रहा है। उन्हें लगा कि अगर उन्होंने कुछ नहीं किया तो विमान में सवार सभी लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। इसके बाद उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला और अन्य लोगों की मदद से स्थिति को संभालने का रास्ता बना।
पीएम मोदी ने की साहस की सराहना
वहीं कैप्टन स्मित से पीएम मोदी ने कहा कि उनके साहस, धैर्य और सूझबूझ ने अनगिनत लोगों की जान बचाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खुद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
मुश्किल वक्त में हनुमान चालीसा ने दी हिम्मत
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि संकट की घड़ी में ईश्वर के प्रति उनकी आस्था ने उन्हें हिम्मत दी। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें डर या दर्द महसूस होता है, वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। घटना के दौरान भी उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और उन्हें विश्वास है कि ईश्वर ने उन्हें बचाया। लगभग 10 मिनट चली बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना भी की।