बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। इसी बीच सत्तारूढ़ जेडीयू के अंदर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। विवाद को खत्म कराने की कोशिशों के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई।
नीरज कुमार के नामांकन से ठीक पहले हुई इस मुलाकात को राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बातचीत के दौरान अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जारी मतभेद को खत्म करने और पार्टी में स्थिति सामान्य करने को लेकर चर्चा हुई।
विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को
दरअसल, अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को लेकर जेडीयू नेतृत्व पहले से सक्रिय है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था कि इस मामले को ललन सिंह सुलझाएंगे, क्योंकि यह उनके क्षेत्र से जुड़ा मामला है।
हालांकि, ललन सिंह ने बाद में इस मामले में सीधे हस्तक्षेप से इनकार किया था। उनका बयान भी सामने आया था कि वे किसी के बीच में नहीं पड़ते। अगर दोनों नेता खुद मिलकर समझौता करना चाहें तो वह मदद कर सकते हैं, लेकिन वह किसी तरह की ‘पंचायती’ नहीं करेंगे।
इसके बाद अब नीतीश कुमार का खुद ललन सिंह के आवास पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे विवाद को खत्म करने की दिशा में नेतृत्व की गंभीर पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बनेगी बात?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नीतीश कुमार की पहल के बाद अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जारी विवाद का कोई समाधान निकलेगा? विपक्ष पहले ही इस मुद्दे को लेकर जेडीयू पर हमलावर है। ऐसे में एमएलसी चुनाव के बीच पार्टी के भीतर चल रहा विवाद नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकता है। यही वजह है कि चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ विवाद को शांत करने की कोशिशें भी तेज होती दिखाई दे रही हैं।
निशांत कुमार ने भी की युवा कार्यकर्ताओं से मुलाकात
इस पूरे घटनाक्रम के बीच नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को जेडीयू के युवा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एमएलसी चुनाव में एनडीए के सभी उम्मीदवारों को जीत दिलाने की अपील की। निशांत कुमार ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार पार्टी के मुख्य प्रवक्ता हैं, तीन बार एमएलसी रह चुके हैं और मंत्री भी रहे हैं। उन्होंने नीरज कुमार को लंबे समय से पार्टी की विचारधारा से जुड़े समाजवादी नेता के तौर पर बताया।
MLC चुनाव के बीच बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार एनडीए-जेडीयू के उम्मीदवार हैं। ऐसे में नामांकन से ठीक पहले नीतीश कुमार और ललन सिंह की मुलाकात ने बिहार की सियासत में चर्चा तेज कर दी है।