NEWS PR डेस्क : बिहार में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। छठ और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों से पहले मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह अचानक हाईलेवल बैठक बुलाकर राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सभी जिलों के डीएम, एसपी, आईजी और डीआईजी के भी बैठक से जुड़ने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बिहार में अपराध और अराजकता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने अपराध नियंत्रण के साथ राज्य में शांति और सामाजिक समरसता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने छठ और दीपावली को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में सभी प्रमुख घाटों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी जिलों के डीएम और एसपी को खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने और पर्व के दौरान अलर्ट रहने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री की इस बैठक को शुक्रवार को पटना और भोजपुर में हुई पुलिस मुठभेड़ों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इन घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था की समीक्षा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और हर तरह के अपराध पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पहले भी बिहार में जघन्य और संगठित अपराध में कमी आने का दावा कर चुके हैं। त्योहारों से पहले बुलाई गई इस बैठक से सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मामले में प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहना होगा।