पूर्वी चंपारण के कौड़िया पंचायत के प्राथमिक विद्यालय मिरियासी के सरकारी स्कूल के बच्चे खुले आसमान के निचे पढ़ने को है मजबूर

Patna Desk
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NEWSPR DESK -बिहार के कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से लोगों की मौत हुई है तो वहीं दूसरी तरफ भारी उमस और गर्मी से कई बच्चे बीमार भी पड़े हैं लेकिन पूर्वी चंपारण के मधुबन प्रखंड के कौड़िया पंचायत के प्राथमिक विद्यालय मिरियासी के सरकारी स्कूल के बच्चे खुले आसमान में बगीचे के नीचे गया भैंस के पास पढ़ने को मजबूर है सरकार अपने बजट की राशि की 25 फ़ीसदी हिस्सा शिक्षा पर खर्च करती है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो बच्चों को बेहतर शिक्षा दी जाए लेकिन अभी भी जमीनी स्तर पर काफी खामियां हैं.

वही मिरियासी में भवनहीन स्कूल होने के कारण बच्चे डर के साए में खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं छात्राओं ने साफ तौर पर कहा कि खुले में पढ़ने में डर लगता है स्कूल का अपना भवन नहीं है और बिजली और आंधी से हम सभी परेशान हो जाते हैं वहीं बारिश आने के बाद हम सबों के स्कूल की छुट्टी हो जाती है वहीं कुछ बच्चों ने यह साफ तौर पर कहा कि अपना भवन अगर हो जाए तो हम सभी पंखे के नीचे बेंच पर बैठकर अपनी पढ़ाई कर सकेंगे लेकिन अपना भवन नहीं होने से हम सभी हमेशा डर के माहौल में रहते हैं वहीं भवनहीन स्कूल को लेकर स्कूल के सरकारी शिक्षक कुणाल कुमार ने सॉफ तौर पर कहा की इस प्राथमिक स्कूल का अपना कोई भवन नहीं है इसलिए हम सभी मजबूरी में बगीचे के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं सरकारी जमीन का आवंटन हो गया है लेकिन कुछ लोगों के जबरन कब्जे के कारण स्कूल पर भवन नहीं बन पा रहा है लेकिन हम लोग डर-डर के बच्चों को बगीचे के नीचे ही पढाने को मजबूर हैं।जैसे तैसे पढ़ाई का।काम चलाया जा रहा है

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