नेपाल बॉर्डर पर खतरे की घंटी! 730 KM सीमा की कमान संभालेंगे अमित शाह

Asha Rai
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NEWS PR डेस्क: देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाई मजबूती को लेकर बड़ा कदम उठने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 फरवरी से तीन दिवसीय बिहार दौरे पर आ रहे हैं। अपने दौरे की शुरुआत वे सीधे किशनगंज और अररिया से करेंगे, जहां भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर एक विशेष उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।

बिहार नेपाल के साथ लगभग 730 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है, जो पश्चिम में पश्चिम चंपारण से लेकर पूर्व में किशनगंज तक फैली हुई है। यह सीमा सात जिलों से होकर गुजरती है और काफी हद तक खुली हुई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी रहती है।

गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक, बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए इस सीमा की रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है। गृह मंत्री सीतामढ़ी के पास भारत-नेपाल सीमा पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण भी करेंगे। साथ ही पश्चिम चंपारण जिले के इनारवा में सीमा चौकी यानी बीपीओ का उद्घाटन करेंगे।

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इस हाई लेवल मीटिंग में बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खुफिया ब्यूरो यानी आईबी के अधिकारी और सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी शामिल होंगे। केंद्र सरकार खास तौर पर भारत-नेपाल सीमा और हवाई अड्डों के आसपास की सड़कों की सुरक्षा पर फोकस कर रही है।

हाल के महीनों में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और अन्य विदेशी नागरिकों द्वारा नेपाल के रास्ते भारत में अवैध प्रवेश की कोशिशों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। कई मामलों में एसएसबी ने ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

गृह मंत्री इस बैठक में चेक पोस्ट की निगरानी, अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत और तस्करी रोकने के उपायों पर विस्तृत समीक्षा करेंगे।

तो साफ है कि बिहार की भारत-नेपाल सीमा अब राष्ट्रीय सुरक्षा के बड़े एजेंडे में शामिल हो चुकी है। गृह मंत्री का यह दौरा न सिर्फ सीमाई सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, बल्कि आने वाले समय में सख्त रणनीतिक फैसलों के संकेत भी दे रहा है।

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