NEWS PR डेस्क: पटना: रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार की बेटियों और महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी सौगातों की घोषणा की है। राज्य सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण पहल शुरू की हैं। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) के लिए 4,700 दोपहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाई, मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप की शुरुआत की और ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज’ योजना लॉन्च की।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास तैनात रहेंगी ‘पुलिस दीदी’
महिला और छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस दीदी यानी अभया ब्रिगेड को 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई गई हैं। इन वाहनों के माध्यम से महिला पुलिसकर्मी स्कूलों और कॉलेजों के आसपास गश्त करेंगी और छात्राओं को सुरक्षा प्रदान करेंगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे शिक्षण संस्थानों के आसपास छात्राओं में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और किसी भी अप्रिय स्थिति में तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी।
पीएचडी करने वाली 1,000 छात्राओं को चार साल तक हर महीने ₹10 हजार
बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना शुरू की है। इस योजना के तहत राज्य की लगभग 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक हर महीने 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य पीएचडी और शोध कर रही छात्राओं को आर्थिक सहयोग देना है, ताकि आर्थिक परेशानियों के कारण उनकी पढ़ाई और रिसर्च प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज’ में ₹50 हजार से ₹2 लाख तक मदद
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके नए व्यावसायिक विचारों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज’ योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत चयनित महिला उद्यमियों को अपने स्टार्टअप, नवाचार और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 50,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना का लाभ करीब 2,100 महिलाओं को मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से अधिक महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आएंगी और अपने नए विचारों को व्यवसाय में बदल सकेंगी।
सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार—तीनों मोर्चों पर सरकार का फोकस
रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू की गई इन तीन पहलों के माध्यम से बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर एक साथ ध्यान केंद्रित किया है। जहां पुलिस दीदी स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा में मदद करेंगी, वहीं पीएचडी फेलोशिप उच्च शिक्षा और शोध को आर्थिक मजबूती देगी। दूसरी ओर, स्टार्टअप चैलेंज महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने और आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं की प्रगति ही बिहार की प्रगति है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बिहार की महिलाएं अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर राज्य के विकास और भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
“रक्षाबंधन पर बिहार सरकार का संदेश साफ है—बेटियों की सुरक्षा के साथ उनकी पढ़ाई, शोध, प्रतिभा, हुनर और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी नई उड़ान देने की तैयारी की जा रही है।“