बिहार में मानसून से पहले अलर्ट, “मैनहोल नहीं मशीन होल” का निर्देश

मशीनों से होगी नालों की सफाई, बढ़ेगी सुरक्षा

Rashmi Tiwari
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पटना में मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर बिहार सरकार ने कमर कस ली है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने पटना नगर निगम के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर जल-जमाव, नाला सफाई, पेयजल व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में मंत्री ने साफ कहा कि इस बार लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान मंत्री ने “मैनहोल” शब्द को बदलकर “मशीन होल” कहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अब शहरों में सीवर और नालों की सफाई मानव श्रम के बजाय आधुनिक मशीनों के जरिए की जाएगी। सरकार का उद्देश्य सफाई कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तकनीक आधारित स्वच्छ और सुरक्षित शहरी व्यवस्था तैयार करना है।

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मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जेटिंग मशीन, सक्शन मशीन और अन्य आधुनिक उपकरणों का व्यापक इस्तेमाल किया जाए, ताकि सफाई कार्य तेज, प्रभावी और सुरक्षित तरीके से हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी कर्मचारी की जान जोखिम में डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

समीक्षा बैठक में लंबित नाला निर्माण और सफाई कार्यों को हर हाल में समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझने और जवाबदेही के साथ काम करने को कहा।

मंत्री ने पिछले वर्ष जलजमाव वाले क्षेत्रों का विस्तृत आकलन कर उसी आधार पर इस साल की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान करने पर जोर दिया गया। संभावित खतरे वाले स्थानों पर अनिवार्य रूप से साइनेज लगाने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में सभी कार्यों के लिए विस्तृत SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार करने और उसी के अनुसार काम करने की बात कही गई। इसके अलावा कमांड सेंटर में निगरानी के लिए अलग टीम गठित करने तथा मोटर, पंप और सम्प से जुड़ी आपात स्थितियों के लिए विशेष कंटिंजेंसी प्लान तैयार रखने का निर्देश भी दिया गया।

पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष की समस्याओं और आंकड़ों का विश्लेषण कर इस बार बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में लोगों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचना चाहिए और आपातकालीन स्थिति में भी जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।बैठक में अनिमेष कुमार पराशर और यशपाल मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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