बिहार कैबिनेट में 13 एजेंडों पर लगी मुहर: इलाज के लिए बढ़ी सहायता, रोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 03 जून। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग, बिजली और मत्स्य पालन जैसे अहम क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा लाभ आम लोगों, उद्यमियों और युवाओं को मिलने की उम्मीद है।

सबसे अहम फैसला मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष को लेकर लिया गया। सरकार ने इस योजना का लाभ लेने के लिए वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी है। इस बदलाव से अब अधिक संख्या में जरूरतमंद मरीज गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में बिहार बाल विकास सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई। लंबे समय से रिक्त पड़े बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) के पदों को भरने के लिए एक बार के विशेष प्रावधान के तहत बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी नियुक्ति की जाएगी। इससे आईसीडीएस योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की संभावना है।

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खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 164.51 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना के तहत व्यक्तिगत उद्यमियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अथवा अधिकतम 10 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। वहीं समूह आधारित इकाइयों को भी पूंजीगत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे राज्य में नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिपरिषद ने बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत द्वि-स्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए नए प्रशासनिक पदों का सृजन भी किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं की शिकायतों का शीघ्र निपटारा संभव हो सकेगा।

उद्योग क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मधुबनी स्थित मेसर्स लीप एग्री लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मत्स्य पालन क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से भोजपुर जिले के बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में 31.20 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत जलीय कृषि पार्क स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विकसित होने वाली इस परियोजना से मत्स्य उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सरकार का मानना है कि कैबिनेट के इन निर्णयों से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और राज्य में निवेश व औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही कृषि और मत्स्य आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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