मानसून में भी कई वार्डों में पेयजल संकट, समीक्षा बैठक में बुडको अधिकारियों पर बरसे मेयर

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: गया जी, 19 जुलाई। शहर में मानसून के बावजूद कई वार्डों में जारी पेयजल संकट को लेकर शनिवार को नगर निगम कार्यालय में जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने की। बैठक में विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने जलापूर्ति, अधूरी पाइपलाइन परियोजनाओं और निर्माण कार्यों में हो रही देरी को लेकर बुडको अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।

बैठक में वार्ड संख्या 4, 6, 8, 9, 10, 11, 16, 17, 25 से 35, 40, 41, 44 और 51 में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्षदों ने बताया कि कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जबकि पाइपलाइन विस्तार का कार्य भी लंबे समय से अधूरा पड़ा है।

मेयर गणेश पासवान ने बुडको अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि मानसून के दौरान भी लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है, जो विभागीय लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन विस्तार के लंबित कार्यों के कारण हजारों लोग नियमित जलापूर्ति से वंचित हैं। उन्होंने अधिकारियों को सभी अधूरे कार्य शीघ्र पूरा करने और पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाने का निर्देश दिया।

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वार्ड संख्या 4, 5 और 6 के पार्षदों ने क्षेत्र में जलापूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए अतिरिक्त जलमीनार (ओवरहेड टैंक) निर्माण की मांग उठाई। इस पर बुडको अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया जा चुका है और आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

वार्ड संख्या 35 के पार्षद ने बताया कि उनके क्षेत्र के करीब 75 प्रतिशत हिस्से में मानसून के बावजूद जल संकट बना हुआ है। कई बार शिकायत के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर मेयर ने कार्यपालक अभियंता को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बैठक में वार्ड संख्या 32 के पार्षद गजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत वीसी-कोठी रोड और परमानंद पथ पर सड़क खोदकर महीनों से अधूरा छोड़ देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बरसात के कारण सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आशा सिंह मोड़ पर स्वीकृत करीब एक करोड़ रुपये की योजना का कार्य ठेकेदार चयन नहीं होने के कारण शुरू नहीं होने पर भी सवाल उठाते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की।

बैठक के अंत में नगर आयुक्त डॉ. गगन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलापूर्ति और पाइपलाइन से जुड़े सभी लंबित कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिन वार्डों में पेयजल संकट बना हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि शहरवासियों को जल्द राहत मिल सके।

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