Gandak Flood 2026: बगहा में 91.25 मीटर पहुंचा जलस्तर, तटबंध क्षतिग्रस्त

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : गंडक नदी बेसिन के नेपाल जल-ग्रहण क्षेत्रों में अल्प-अवधि में हुए अत्यधिक वर्षापात के फलस्वरुप सोमवार (28.09.2026) पूर्वाह्न 6.00 बजे वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बराज से 5,43,500 क्युसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ जो अभी अपने निम्नप्रवाह क्षेत्रों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली से होकर गुजर रहा है। इस दौरान वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बराज पर नदी का जलश्राव 13 घंटे तक 5 लाख क्युसेक से अधिक तथा 32 घंटे तक 4 लाख क्युसेक से अधिक बना रहा।

शनिवार एवं रविवार,यानी 26 एंव 27 सितम्बर के बीच बिहार स्थित गंडक नदी के सीमावर्ती जिलों यथा पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण एवं गोपालगंज में भी काफी अधिक वर्षापात हुई है, जिसके कारण गंडक बराज के निम्नप्रवाह में नदी का जलस्तर पूर्व से ही बढ़ा हुआ है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बराज से प्रवाहित अधिकतम जलश्राव 5,62,500 क्यूसेक की तुलना में इस बार का बराज से प्रवाहित जलश्राव कुछ कम रहने के बावजूद नदी द्वारा बगहा गेजस्थल पर 91.25 मीटर का अब तक का नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया है, जो पूर्व के उच्चतम जलस्तर 90.90 मीटर (वर्ष 2024) से 0.35 मीटर अधिक है।

गंडक नदी से प्रवाहित अत्यधिक जलश्राव के फलस्वरुप नदी पर निर्मित तटबंधों पर भारी दबाव की स्थिति बनी हुई है तथा कई स्थलों पर सीपेज, पाईपिंग एवं ओवर-टाॅपिंग की समस्या भी उत्पन्न होती रही। अभी तक 169 बिन्दुओं पर हुए सीपेज/पाईपिंग को तत्काल कार्य कराते हुए सुरक्षित किया गया है।

गंडक नदी के बढ़े हुए जलस्तर के कारण 28-29, सितम्बर के मध्यरात्रि में, पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत, गंडक नदी के बाँयें तट पर निर्मित चम्पारण तटबंध 02 स्थलों पर (1. ग्राम-खैरतवा, प्रखंड-बगहा-1 एवं 2. ग्राम-फुलियाखाड़, प्रखंड-बैरिया) क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश प्रभाग में कुशीनगर जनपद अंतर्गत गंडक नदी के दायें तट पर निर्मित तटबंध एक स्थल पर क्षतिग्रस्त हुआ है। जल संसाधन विभाग एवं जिला प्रशासन पश्चिम चंपारण की टीम द्वारा आवश्यक कार्यवाई की जा रही है।

क्षेत्रीय अभियंता लगातार बाढ़ संघर्षात्मक कार्य में लगे हुए हैं, तटबंधों पर काफी दबाव है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय से रात्रि में ही कार्यपालक अभियंता की अध्यक्षता में चार दलों को बगहा, बेतिया, मोतीहारी एवं गोपालगंज भेजा गया है। अप्रत्याशित जलश्राव के मद्देनजर पूर्व में भी अतिरिक्त अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति स्थल पर की गयी है। अपस्ट्रीम में जल स्तर के घटने तथा डाउन स्ट्रीम में बढ़ने की प्रवृत्ति है। वरीय पदाधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

Share This Article