गया जी एयरपोर्ट पर आंशिक आपातकालीन अभ्यास, मॉक ड्रिल में परखी गई आपदा से निपटने की तैयारियां

Shreya Raj
गया जी एयरपोर्ट पर आंशिक आपातकालीन अभ्यास के दौरान राहत और बचाव कार्यों का मॉक ड्रिल करते एआरएफएफ और सुरक्षा कर्मी।

NEWS PR डेस्क : गया जी एयरपोर्ट पर डीजीसीए और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के निर्धारित प्रावधानों के तहत आंशिक आपातकालीन अभ्यास यानी पार्शियल इमरजेंसी एक्सरसाइज आयोजित किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य विमान दुर्घटना या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति में एयरपोर्ट की तैयारियों, प्रतिक्रिया क्षमता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को परखना था। इसके लिए विमान दुर्घटना की काल्पनिक स्थिति बनाई गई और उसी के आधार पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

यात्रियों और विमान कर्मियों की सुरक्षित निकासी का हुआ अभ्यास

अभ्यास के दौरान यात्रियों और विमान कर्मियों को आपात स्थिति में सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया, साथ ही काल्पनिक रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार देने और आग लगने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने का भी अभ्यास किया गया। इस दौरान संबंधित टीमों ने अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों को अंजाम दिया।

क्रैश फायर टेंडर के साथ मौके पर पहुंची एआरएफएफ टीम

आपात स्थिति की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग (एआरएफएफ) टीम सक्रिय हुई। टीम क्रैश फायर टेंडर और जरूरी अग्निशमन एवं बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद टीम ने आग पर काबू पाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने से जुड़ी कार्रवाई का प्रदर्शन किया। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए आपात स्थिति में टीम की तत्परता और प्रतिक्रिया समय को परखा गया।

एटीसी, सीआईएसएफ समेत कई एजेंसियों ने लिया हिस्सा

पार्शियल इमरजेंसी एक्सरसाइज में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), मेडिकल टीम, एयरपोर्ट ऑपरेशंस, एयरलाइन और ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी समेत अन्य संबंधित विभागों और एजेंसियों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों ने आपात स्थिति के दौरान अपने-अपने स्तर पर निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों का अभ्यास किया।

आपातकालीन संचार और विभागों के बीच तालमेल की हुई जांच

अभ्यास के दौरान आपातकालीन संचार व्यवस्था, घटनास्थल तक पहुंचने में लगने वाला प्रतिक्रिया समय और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की भी जांच की गई। अधिकारियों और पर्यवेक्षकों ने पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान संभावित कमियों और उन क्षेत्रों की पहचान की गई, जहां भविष्य में सुधार की जरूरत हो सकती है।

वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की तैयारी

एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, डीजीसीए और एएआई के निर्धारित प्रावधानों तथा एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लान के तहत इस तरह के अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य किसी वास्तविक आपातकालीन स्थिति में यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसी स्थिति में सभी संबंधित एजेंसियां बिना देरी के प्रभावी तरीके से राहत और बचाव कार्य शुरू कर सकें, इसके लिए तैयारियों को परखा जाता है।

अभ्यास के सफल आयोजन के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने इसमें शामिल सभी विभागों, एजेंसियों और कर्मचारियों के सहयोग की सराहना की। प्रशासन ने आपातकालीन अभ्यास में योगदान देने वाले सभी संबंधित लोगों का धन्यवाद भी किया।

गया से रिपोर्टर : आशीष कुमार

Share This Article