NEWS PR डेस्क: पटना, 03 जुलाई। बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। विभाग ने पिछले एक महीने के दौरान विभिन्न मामलों में 62 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की है। सरकार का कहना है कि आम लोगों से जुड़े मामलों में अनियमितता या भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसी क्रम में सुपौल सदर के अंचल अधिकारी आनंद कुमार मंडल के खिलाफ विभागीय आरोप पत्र गठित किया गया है। उन पर फर्जी परिमार्जन, नियमों के विपरीत दाखिल-खारिज, सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग, निजी वाहन में सरकारी डीजल इस्तेमाल करने तथा निजी दलाल रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं, अररिया जिले के फारबिसगंज की तत्कालीन अंचल अधिकारी और वर्तमान जिला अंकेक्षण पदाधिकारी राखी कुमारी भी कार्रवाई के दायरे में आई हैं। आरोप है कि उन्होंने बंदोबस्त रद्दीकरण वाद संख्या 13/2017-18 के निष्पादन में जानबूझकर विलंब किया। इस मामले को आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सहकारिता विभाग को भेज दिया गया है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बीते एक महीने में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, कार्य में लापरवाही और अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं के मामलों में कुल 62 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले 12 जून को आठ अंचल अधिकारियों और कर्मचारियों तथा 19 जून को 10 अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही या भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाना है।
