Deregulation और Compliance Reduction पर बिहार–त्रिपुरा के बीच उच्चस्तरीय बैठक, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर हुआ मंथन

Puja Srivastav
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NEWSPR डेस्क | बिहार सरकार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को त्रिपुरा सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ‘Deregulation एवं Compliance Reduction’ विषय पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच प्रशासनिक सुधारों, सरल नीतिगत प्रक्रियाओं और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सफल अनुभवों को साझा करना रहा।

बैठक की शुरुआत में मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने त्रिपुरा के मुख्य सचिव श्री जितेंद्र कुमार सिंह और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच Knowledge Sharing से नीतिगत सुधारों को गति मिलती है और इससे निवेश व रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।

त्रिपुरा सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि किस प्रकार पुराने और जटिल नियमों में संशोधन कर निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। इसमें ऑनलाइन अप्रूवल सिस्टम, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, पॉलिसी रिफॉर्म्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

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भूमि एवं श्रम सुधार: औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भूमि की उपलब्धता और श्रम कानूनों में व्यावहारिक ढील।

सेंट्रलाइज्ड इंस्पेक्शन सिस्टम: पारदर्शिता और समयबद्धता के लिए केंद्रीकृत पोर्टल के माध्यम से निरीक्षण व्यवस्था।

यूटिलिटी एवं परमिशन: बिजली, पानी सहित अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए निर्बाध और त्वरित अनुमति प्रक्रिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार ‘आत्मनिर्भर बिहार’ और औद्योगिक विकास की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। त्रिपुरा के सफल पॉलिसी रिफॉर्म्स का अध्ययन कर बिहार अपनी औद्योगिक नीति को और अधिक निवेश-अनुकूल बनाने पर विचार करेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि Compliance Burden कम करने का सीधा अर्थ सरकारी प्रक्रियाओं में देरी को समाप्त करना है, जिससे उद्योगों को सुगम वातावरण मिले और रोजगार के अवसर बढ़ें। बैठक में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की सक्रिय भागीदारी इस बात का संकेत है कि सरकार उद्योगों के साथ-साथ युवाओं को उनके अनुरूप कुशल बनाने पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है।

त्रिपुरा की ओर से सचिव (उद्योग एवं वाणिज्य) श्री किरण गिट्टे, सचिव (शहरी विकास) श्री अभिषेक सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वहीं बिहार की ओर से महानिदेशक (गृह रक्षा वाहिनी), प्रधान सचिव (राजस्व एवं भूमि सुधार), सचिव (नगर विकास, उद्योग, ऊर्जा, श्रम संसाधन) तथा सदस्य सचिव (बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद) समेत कई वरीय अधिकारी शामिल हुए।

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