जमात-ए-इस्लामी का बड़ा फैसला: हिजाब अनिवार्य, बिना हिजाब खरीदारी का बहिष्कार

Puja Srivastav
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NEWSPRडेस्क | ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन’ (AIJGF) की बिहार इकाई के हालिया निर्णय से विवाद खड़ा हो गया है। फेडरेशन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए फैसला लिया है कि जिन लोगों का चेहरा ढका रहेगा, उन्हें अब आभूषण न तो दिखाए जाएंगे और न ही बेचे जाएंगे। इस फैसले को लेकर मुस्लिम संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

पटना में हिजाब को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब प्रकरण के शांत होते ही अब ज्वेलरी कारोबारियों के एक फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बिहार के ज्वेलरी दुकानदारों ने निर्णय लिया है कि जिन महिलाओं का चेहरा ढका होगा, उन्हें आभूषण नहीं बेचे जाएंगे।

यह फैसला ‘ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन’ (AIJGF) की बिहार इकाई द्वारा लिया गया है। हालांकि, इस निर्णय को मुस्लिम महिलाओं और हिजाब से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके बाद मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। मामला अब सामाजिक और राजनीतिक बहस का रूप लेता नजर आ रहा है।

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जमात-ए-इस्लामी हिंद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मौलाना रिजवान इस्लाही ने इस निर्णय पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि इस्लाम महिलाओं के लिए पर्दे को आवश्यक मानता है और मुस्लिम समाज की महिलाएं अपने सिद्धांतों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेंगी।

मौलाना ने कहा कि यदि हिजाब पहनने वाली महिलाओं को बाजार में खरीदारी करने से रोका गया, तो वे ऐसी दुकानों से दूरी बना लेंगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से दुकानदार ग्राहकों से पहचान के लिए चेहरा दिखाने का अनुरोध कर सकते हैं, लेकिन इसे किसी तरह के प्रतिबंध में बदलना कतई उचित नहीं है।

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