बिहार में मानसून सक्रिय, 25 जिलों में यलो अलर्ट जारी, बाढ़ की आशंका के बीच प्रशासन अलर्ट मोड में

Jyoti Sinha
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बिहार में मानसून ने अब जोर पकड़ लिया है और मौसम ने करवट ले ली है। बुधवार को मौसम विभाग ने राज्य के 25 जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को अलर्ट रहने, सुरक्षित स्थानों में शरण लेने और खुले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। सीवान में सबसे ज्यादा 90.4 मिमी वर्षा हुई है। मधुबनी और पूर्वी चंपारण में 75.6 मिमी, नालंदा में 74.8 मिमी, कटिहार में 71.4 मिमी और पूर्णिया में 67.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। खास बात यह है कि पूर्णिया में रविवार से सोमवार के बीच 270.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो 1987 के बाद सबसे अधिक है। उस साल 294.9 मिमी बारिश हुई थी।

इस भारी बारिश ने कई क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल में हो रही भारी वर्षा का असर बिहार की नदियों पर दिखने लगा है। गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबरें आ रही हैं। हालांकि, जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की निगरानी और राहत कार्यों की तैयारियां पूरी कर ली हैं।बारिश के बावजूद कुछ इलाकों में उमस और गर्मी बरकरार है। नालंदा में अधिकतम तापमान 34.5°C दर्ज किया गया, जबकि पटना में 32.5°C के साथ चिलचिलाती धूप और नमी बनी रही। गोपालगंज में तापमान 35.6°C तक पहुंच गया, वहीं बक्सर, समस्तीपुर और शेखपुरा में न्यूनतम तापमान 24.5°C दर्ज किया गया।

अगले सात दिन और बरसेंगे बादल-

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मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून की ट्रफ लाइन छपरा और वाल्मीकिनगर होते हुए गुजर रही है। इसके अलावा, उत्तर-पूर्व बिहार में भी एक ट्रफ सक्रिय है, जिसके कारण अगले एक सप्ताह तक बारिश की संभावना बनी हुई है।अब तक औसत से 26% कम हुई वर्षाराज्य में अब तक सामान्य की तुलना में 26 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

जून और जुलाई में जिन इलाकों में कम बारिश हुई थी, वहां अगस्त में इसकी भरपाई होने की उम्मीद है। अब तक 545 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि सिर्फ 403.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

प्रशासन ने बढ़ाया चौकसी-

बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि इंजीनियरों की टीमें, तकनीकी विशेषज्ञ और जिलाधिकारी पूरी तरह सतर्क हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और राहत सामग्री की व्यवस्था कर दी गई है। तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।

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