NEWS PR डेस्क: पश्चिम चंपारण में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। देर रात गंडक बराज से 5.50 लाख क्यूसेक से अधिक पानी गंडक नदी में छोड़े जाने के बाद कई इलाकों में पानी तेजी से फैलने लगा है। ग्रामीणों की मुश्किलों के बीच लौरिया के विधायक विनय बिहारी ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा उठाया है। बिहार विधानसभा की वेबसाइट के अनुसार विनय बिहारी लौरिया से विधायक हैं।
जोगापट्टी की 12 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित होने का दावा
सोमवार को प्रखंड कार्यालय में विधायक विनय बिहारी ने कहा कि जोगापट्टी प्रखंड की 12 पंचायतों के सैकड़ों गांव गंडक की बाढ़ से प्रभावित हैं।
उनके अनुसार सिसवा और मंगलपुर में कई घर नदी में समा चुके हैं। वहीं लौरिया प्रखंड में सिकरहना, बलौर, मसान और पंडई नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई पंचायतों के लोग प्रभावित हुए हैं। लगातार बढ़ते पानी के कारण निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की परेशानी बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन मंत्री से मुलाकात का हवाला
विधायक ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं और उचित मुआवजे की मांग को लेकर वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से चार बार और आपदा प्रबंधन मंत्री से दो बार मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी से भी कई बार प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर बातचीत की गई है।
विधायक का कहना है कि इसके बावजूद प्रभावित परिवारों को पॉलीथिन शीट के अलावा अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है। वर्तमान में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं, जिसकी पुष्टि राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से होती है।
मांगें नहीं मानी गईं तो मंगलवार से समाहरणालय में धरना
विनय बिहारी ने कहा कि सोमवार को एक बार फिर जिलाधिकारी से मुलाकात कर बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याएं उनके सामने रखी जाएंगी।
उनके मुताबिक यदि बातचीत के बाद सकारात्मक समाधान नहीं निकलता है तो मंगलवार से जिला समाहरणालय परिसर में धरना दिया जाएगा। इस दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत और उचित मुआवजे की मांग प्रमुख रहेगी। मौके पर सभापति प्रतिनिधि संजय कुमार और उपसभापति प्रतिनिधि लड्ड सिंह भी मौजूद रहे।
पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर: मोहम्मद इम्तिआज़