NEWS PR डेस्क: राजधानी पटना की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत जल्द ही 200 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू होगा, जिससे लाखों यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। पाटलिपुत्र बस टर्मिनल (आईएसबीटी, बैरिया) से संचालित होने वाली ये बसें न केवल शहर की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी, बल्कि प्रदूषण कम कर हरित परिवहन को भी बढ़ावा देंगी। प्रशासन ने सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि राजधानी को जल्द ही आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की नई सौगात मिल सके।

इस संबंध में शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और बस संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।बैठक में योजना के क्रियान्वयन और बस परिचालन से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य शहरों में सतत, आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। इससे राजधानीवासियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण यात्रा का विकल्प मिलेगा।

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी पटना सदर, जिला परिवहन पदाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक को सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
शहर की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी
जिलाधिकारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से न केवल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि लाखों यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा सुविधा भी मिलेगी। इससे यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ शहर की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
वायु प्रदूषण में कमी आएगी
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। बैठक में यात्री सुविधाओं, बस डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और यातायात प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
