रैयाम और सकरी चीनी मिल को मिलेगी नई रफ्तार, 2401 गांवों के किसान देंगे गन्ना

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के निर्देश पर वर्षों से बंद पड़ी सकरी और रैयाम चीनी मिलों को पुनः चालू कराने को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। इन दोनों चीनी मिलों को गन्ना की आपूर्ति करने के लिए गन्ना उद्योग विभाग ने शुक्रवार को दरभंगा और मधुबनी जिले के करीब 2401 गांवों को आरक्षित कर दिया। ताकि दोनों चीनी मिलें संबंधित गांवों के किसानों से गन्ना की खरीद कर सकें।

विदित हो कि राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत समृद्ध उद्योग- सशक्त बिहार की घोषणा की है। ताकि इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकें। इसी के तहत राज्य सरकार बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः खोलने और नई चीनी मिलों की स्थापना करने की तैयारी जुटी है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। बताया जाता है कि मधुबनी जिले के सकरी और दरभंगा जिले के रैयाम चीनी मिल का संचालन सहकारिता विभाग के माध्यम से किया जाएगा। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने इन दोनों चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना की आपूर्ति करने के लिए गन्ना उद्योग विभाग ने दरभंगा और मधुबनी जिले के कुल 2401 गांवों को आरक्षित कर दिया है, जिसमें सकरी चीनी मिल को मधुबनी जिले के 686 गांव और दरभंगा जिले के 697 गांवों के किसान अपनी गन्ना की आपूर्ति करेंगे। इसी प्रकार रैयाम चीनी मिल को मधुबनी जिले के 438 गांव और दरभंगा जिले के 580 गांवों के किसान गन्ना बेचेंगे।

दोनों चीनी मिलों के लिए प्रखंडवार गांवों को किया गया आरक्षित

गन्ना उद्योग विभाग से जारी पत्र के अनुसार सकरी मिल के लिए मधुबनी जिले के अंध्राथाढ़ी, बबुरही, घोघाडीहा, झंझारपुर, लडनिया, लखनउर, लौकहां, लौकही, माधेपुर, पंडौर, फुलपरास और राजनगर प्रखंड के कुल 686 गांवों को शामिल किया गया है। वहीं दरभंगा जिले के बरही, मनिगांछी, टारडीह, अलिनगर, बेनीपुर, बिरौल, धनश्यामपुर, गौरा बउराम, किरातपुर, कुशेश्वर स्थान, कुशेश्वर स्थान पूर्वी तथा दरभंगा प्रखंड के कुल 580 गांवों को शामिल किया गया है।

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इसी प्रकार रैयाम चीनी मिल में दरभंगा जिले के बहादुरपुर, हायाघाट, हनुमाननगर, जाले, सिंघवारा और कोइरी प्रखंड के 580 गांवों को शामिल किया गया है। वहीं मधुबनी जिले के बासोपट्टी, बेनीपट्टी, बिस्फी, हरलाखी, जयनगर, कलुहीं, खजौली, रहिका और माधवापुर प्रखंड के कुल 438 गांवों को शामिल किया गया है।

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