सारण जिले में बाढ़ के कारण प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशानुसार आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गृह मंत्रालय व रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार से समन्वय स्थापित कर एयर ड्रॉपिंग की विशेष व्यवस्था की गई है। इस पहल का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित उन क्षेत्रों में भी आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाना है, जहां जलजमाव एवं बाढ़ के कारण सड़क मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाना कठिन हो गया है।
सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टरों के द्वारा अब तक 15 उड़ानों में 5,600 से अधिक ड्राई राशन पैकेट के माध्यम से 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री एयर ड्रॉप किए जा चुके हैं। एयर ड्रॉपिंग के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है, जिससे बाढ़ के कारण सामान्य आवागमन बाधित होने की स्थिति में भी लोगों को समय पर राहत उपलब्ध हो सके।
आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित आबादी की आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सड़क मार्ग के साथ-साथ आवश्यकतानुसार वैकल्पिक माध्यमों का भी उपयोग किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक यथाशीघ्र आवश्यक राहत एवं खाद्य सामग्री पहुंचाई जाए।
इस विशेष राहत अभियान में भारतीय वायु सेना की विभिन्न इकाइयों के पायलटों एवं कर्मियों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। एयर ड्रॉपिंग अभियान का संचालन ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता एवं विंग कमांडर विशाल खत्री (गोरखपुर), स्क्वाड्रन लीडर रोहित दादरवाल एवं फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुणाल कलमकर (बागडोगरा) तथा फ्लाइट लेफ्टिनेंट राठौड़ भरत सिंह (बागडोगरा) के नेतृत्व में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस चुनौतीपूर्ण समय में बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय वायु सेना के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।