पटना में चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या के बाद बिहार में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस हत्याकांड को लेकर बड़ा बयान दिया।
सिन्हा ने दो टूक कहा —
“ये महज हत्या नहीं, कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती है। अपराधियों को पाताल में भी छिपना पड़े, तब भी उन्हें खींचकर बाहर निकाला जाएगा। अब केवल गिरफ्तारी नहीं, हिसाब होगा – ज़रूरत पड़ी तो एनकाउंटर भी होगा।”
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उन्होंने साफ कर दिया कि दोषियों पर बुलडोजर चलाने से भी सरकार पीछे नहीं हटेगी और पुलिस को पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है। अब अपराधियों को किसी राजनीतिक या कानूनी शरण की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
सीएम नीतीश की हाई लेवल मीटिंग, DGP को दिए सख्त निर्देश
उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक विनय कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में उन्होंने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा:
“अपराध पर कोई नरमी नहीं। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
सीएम ने DGP से घटना की पूरी जानकारी ली और हत्याकांड की तह तक जाकर, साजिश की भी गहराई से जांच कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आपराधिक मामलों की तफ्तीश तेज़ होनी चाहिए और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।
गोली मारकर की गई हत्या, CCTV में दिखा शूटर
घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र के अंतर्गत कटारुका अपार्टमेंट की है, जहां गोपाल खेमका अपने घर लौट रहे थे। रात क़रीब 11 बजे, जैसे ही वह बांकीपुर क्लब से लौटकर अपनी कार में पहुंचे, हेलमेट पहने एक बाइक सवार अपराधी ने नजदीक जाकर सिर में गोली मार दी।
यह पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है। परिजन आनन-फानन में उन्हें मेडिवर्सल अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क्राइम कंट्रोल को लेकर सरकार सख्त
अब सवाल कानून-व्यवस्था पर है। उद्योगपति की इस तरह हुई हत्या ने राजधानी की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन सरकार की ओर से कड़ा संदेश दिया गया है — अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो कितने भी रसूखदार क्यों न हों।
