बिहार-नेपाल सीमा पर सख्ती तेज: अवैध अतिक्रमण हटाए गए, जाली नोट गिरोहों पर बड़ी कार्रवाई

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 09 अप्रैल । बिहार के सीमावर्ती जिलों में भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन, सुरक्षा और विकास कार्यों को लेकर प्रशासन ने तेज रफ्तार से काम शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सीमावर्ती जिलों पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, सीतामढ़ी, किशनगंज, सुपौल और अररिया की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई।

बैठक में बताया गया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘नो मैन्स लैंड’ और अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज किया गया है। मधुबनी में चिन्हित सभी 186 अवैध संरचनाएं हटाई जा चुकी हैं, जबकि किशनगंज में 34 और पश्चिमी चंपारण में 272 में से 261 अतिक्रमण हटाए गए हैं।

जाली नोट और अपराध पर सख्त कार्रवाई

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सीमावर्ती इलाकों में जाली नोट और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ भी बड़ी सफलता मिली है। पूर्वी चंपारण में 18,500 भारतीय और 25 लाख नेपाली जाली नोटों के साथ 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं सीतामढ़ी में 49 लाख नेपाली और 20,100 भारतीय जाली नोट बरामद किए गए हैं।

साइबर फ्रॉड के मामलों में भी कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी प्रशासन ने जनवरी महीने में 11.66 लाख रुपये से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस कराई है। मधुबनी और अररिया में फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले गिरोहों का भी भंडाफोड़ किया गया है।

सीमा स्तंभों की निगरानी और मरम्मत

सीमा स्तंभों के रखरखाव के लिए आधुनिक तकनीक और संयुक्त सर्वेक्षण का सहारा लिया जा रहा है। पूर्वी चंपारण में 1,237 और मधुबनी में 358 सीमा स्तंभों की निगरानी की जा रही है। किशनगंज और सीतामढ़ी में क्षतिग्रस्त स्तंभों की मरम्मत की प्रक्रिया जारी है, जबकि सुपौल में यह कार्य पूरा कर लिया गया है।

विदेशी नागरिकों पर भी कड़ी नजर

सुरक्षा एजेंसियों ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ अभियान चलाते हुए उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, चीन और अमेरिका के नागरिकों को भी गिरफ्तार किया है।

‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ से विकास को गति

सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II’ के तहत कई योजनाएं शुरू की गई हैं। मधुबनी में 36 गांवों के लिए 253 योजनाओं की डीपीआर तैयार हो रही है, जबकि सीतामढ़ी में 24.66 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल लाइब्रेरी और मॉडल एग्री फार्म विकसित किए जा रहे हैं। किशनगंज में इस योजना के लिए 112.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

इसके अलावा, कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए ड्रैगन फ्रूट, अनानास और चाय के उत्पादन व प्रसंस्करण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सरकार का फोकस: सुरक्षा और विकास साथ-साथ

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा सुरक्षा और विकास कार्यों में बेहतर समन्वय बनाए रखें, ताकि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास भी सुनिश्चित हो सके।

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