सिस्टम फेल: सासाराम में एंबुलेंस नहीं मिलने से महिला ने तोड़ा दम

इलाज के इंतजार में मौत, सदर अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

Rashmi Tiwari
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सासाराम :रोहतास जिले के सासाराम स्थित सदर अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। शनिवार को एंबुलेंस के लंबे इंतजार के दौरान एक गंभीर रूप से घायल महिला ने दम तोड़ दिया, जिससे अस्पताल प्रशासन और एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैसे हुआ हादसा
सूर्यपुरा प्रखंड के मिल्की गांव निवासी 60 वर्षीय शांति देवी अपने पति रासबिहारी मिश्रा के साथ दिनारा में रहती थीं। शनिवार सुबह वे घर की छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें तुरंत दिनारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए सासाराम सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
ट्रामा सेंटर में भी नहीं मिली राहत
सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक बताते हुए शांति देवी को पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस के लिए डायल 102 पर संपर्क किया लेकिन परिजनों के अनुसार, एंबुलेंस सेवा काफी देर तक व्यस्त रही। जब संपर्क हुआ तो उन्हें एंबुलेंस भेजने का आश्वासन दिया गया, लेकिन एंबुलेंस पहुंचने में लगभग दो घंटे की देरी हो गई।
एंबुलेंस का इंतजार बना मौत की वजह
इस बीच घायल महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई और एंबुलेंस के इंतजार में ही उनकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और एंबुलेंस सेवा की लापरवाही को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
चिकित्सक का बयान
ट्रामा सेंटर में इलाज कर रहे डॉक्टर डॉ. विमलेंदु कुमार ने बताया कि मरीज की स्थिति बेहद गंभीर थी, इसलिए उसे तुरंत पीएमसीएच रेफर किया गया था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एंबुलेंस आने में काफी देर हुई। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। जहां सरकार बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के दावे करती है, वहीं आम मरीजों को समय पर एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती, तो शायद शांति देवी की जान बचाई जा सकती थी।
सासाराम से दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट

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