बिहार में बदले नियम, पिता-दादा के नाम की जमीन पर भी बनेगी फार्मर आईडी

राज्य सरकार ने वंशावली के आधार पर फार्मर आईडी बनाने की अनुमति दे दी है। इससे उन किसानों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होने की उम्मीद है, जिनकी जमीन पिता, दादा या पूर्वजों के नाम पर दर्ज है।

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: बिहार के किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उन किसानों को भी मिल सकेगा, जिनकी जमीन उनके अपने नाम पर दर्ज नहीं है। राज्य सरकार ने वंशावली के आधार पर फार्मर आईडी बनाने की अनुमति दे दी है। इससे उन किसानों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होने की उम्मीद है, जिनकी जमीन पिता, दादा या पूर्वजों के नाम पर दर्ज है।

अब तक फार्मर आईडी बनवाने में सबसे बड़ी अड़चन यह थी कि जमीन का खतियान सीधे किसान के नाम पर नहीं होने पर आवेदन खारिज कर दिया जाता था। इस कारण बड़ी संख्या में किसान पीएम किसान योजना से वंचित रह जाते थे। लेकिन नियमों में बदलाव के बाद अब पिता, दादा या पूर्वजों के नाम की जमाबंदी होने पर भी किसान अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।

कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वंशावली के आधार पर फार्मर रजिस्ट्री शुरू होते ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में तेजी आई है। कई जिलों में एक ही दिन में हजारों किसानों की फार्मर आईडी तैयार की गई है। संयुक्त जमाबंदी के मामलों में भी परिवार के अलग-अलग सदस्यों का पंजीकरण किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को राहत मिलने लगी है।

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हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वंशावली के आधार पर होने वाले रजिस्ट्रेशन में सभी दस्तावेजों की कड़ी जांच की जा रही है। गलत या फर्जी फार्मर आईडी बनाए जाने की शिकायत मिलने पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से सख्ती बरती जा रही है। नाम और जमाबंदी में अधिक अंतर पाए जाने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जा रहा है।

कृषि विभाग का कहना है कि जिन किसानों की ई-केवाईसी पहले से पूरी है, उन्हें फार्मर आईडी बनवाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। गांव स्तर पर कैंप लगाकर किसानों की सहायता की जा रही है। किसान सलाहकार और कृषि कर्मी घर-घर जाकर किसानों को जरूरी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी पात्र किसानों की फार्मर आईडी जल्द तैयार की जाएगी, ताकि किसी भी किसान को पीएम किसान योजना का लाभ मिलने में बाधा न आए। वंशावली के आधार पर रजिस्ट्रेशन की यह सुविधा खास तौर पर उन किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जिनकी जमीन पीढ़ियों से परिवार के नाम पर है, लेकिन अब तक नामांतरण नहीं हो सका था।

कुल मिलाकर, वंशावली के आधार पर फार्मर आईडी बनाने की अनुमति मिलने से बिहार के हजारों किसानों को अब पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल सकेगा।

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