औरंगाबाद सदर अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने मानवता और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की है। झारखंड की रहने वाली एक HIV पॉजिटिव गर्भवती महिला का बिना किसी भेदभाव के इलाज कर सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला पहले से HIV संक्रमित थी और अस्पताल पहुंचते ही उसने डॉक्टरों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी। मामला सामने आते ही सदर अस्पताल प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इलाज शुरू कराया।

डॉक्टरों की टीम गठित कर शुरू हुआ इलाज
सदर अस्पताल के प्रबंधक डॉ. प्रफुल्ल कांत निराला ने तुरंत डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की, जिसने पूरी सावधानी और चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत महिला का इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान महिला ने सामान्य प्रसव के जरिए एक स्वस्थ नवजात को जन्म दिया। हालांकि जांच में नवजात भी HIV पॉजिटिव पाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बिना किसी भेदभाव के बच्चे का इलाज शुरू कर दिया।

जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
डॉ. प्रफुल्ल कांत निराला ने बताया कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और अस्पताल में उनका नियमित उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि HIV कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है और लोगों को इसके प्रति जागरूक होने की जरूरत है। डॉक्टरों ने बताया कि HIV संक्रमित खून या असुरक्षित यौन संबंध के जरिए फैलता है। साथ बैठने, साथ खाने या सामान्य संपर्क से यह बीमारी नहीं फैलती।
समाज में सम्मान और सहयोग दें
अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की कि HIV मरीजों के प्रति भेदभाव न करें और उन्हें समाज में सम्मान और सहयोग दें। सदर अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के इस मानवीय प्रयास की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि इस तरह की संवेदनशीलता समाज में जागरूकता और भरोसा बढ़ाने का काम करती है।
औरंगाबाद से रूपेश पत्रकार की रिपोर्ट