पर्यटन स्थलों पर नजर आएंगे जीविका के उत्पाद, हाट-बाजार बनाने की तैयारी

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 03 जुलाई। ग्रामीण क्षेत्र का विकास, जीविकोपार्जन के संसाधन बढ़ाने के साथ ही गांवों में अर्थव्यवस्था की रीढ़ मजबूत करने की दिशा में ग्रामीण विकास विभाग पूरी तरह से गंभीर है। इसी क्रम में शुक्रवार को मंत्री श्रवण कुमार ने नाबार्ड के साथ विभागीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में मंत्री कुमार ने साफ कहा कि ग्रामीण विकास के लिए बनने वाली योजनाओं में गरीब-गुरबा की जरूरतों और उनके रोजगार का विशेष ख्याल रखा जाए। उन्होंने इस दिशा में राज्य के पर्यटन केंद्रों पर अत्याधुनिक हाट बनाने के निर्देश दिए।

मंत्री श्रवण कुमार ने नाबार्ड के अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही उनकी योजनाओं और हाट-बाजार बनाने में संभावित सहयोग की विस्तृत जानकारी ली। कहा कि पर्यटन स्थलों पर हाट बनाने से जीविका और किसानों के उत्पादों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रचार-प्रसार होगा। साथ ही इन उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध हो सकेगा। इससे गांव के गरीबों की आमदनी बढ़ेगी और वह आत्मनिर्भर होंगे। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जीविका दीदी और दूसरे गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने से संबंधित योजनाओं का चयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके लिए उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के तहत डीपीआर बनाने के लिए एजेंसी का सहयोग लेने पर बल दिया। मंत्री कुमार ने जीविका दीदी और दूसरे लोगों को प्लंबर की ट्रेनिंग देने, खेल मैदान का निर्माण व्यवस्थित तरीके से करने, ग्रामीण क्षेत्र में पुराने और खाली पड़े सरकारी भवनों को चिन्हित कर उन्हें हाट-बाजार के रूप में तैयार करने आदि के आवश्यक निर्देश जारी किए। कहा कि जीविका दीदियों के कौशल विकास के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि वे अपने उत्पादों का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर सकें और उनके उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग का रास्ता आसान हो।

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उन्होंने प्रखंड स्तर पर कम से कम 10 महिलाओं और युवतियों को प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। कहा कि यह प्रशिक्षित महिलाएं जहां गुणवत्तायुक्त उत्पाद तैयार करेंगी, वहीं दूसरी ओर अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षित करने में सक्षम होंगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लंबर की भारी मांग है। इसे ध्यान में रखते हुए जरूरतमंदों को प्रशिक्षण दिलाने की योजना तैयार की जाए।

बैठक में विभागीय प्रधान सचिव पंकज कुमार ने नाबार्ड के अधिकारियों से कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों की योजनाओं की विस्तृत पीपीटी तैयार कर उपलब्ध कराएं, ताकि ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं को प्रभावी ढंग से मूर्तरूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि आगामी पांच वर्षों के भीतर प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक हाट बनकर तैयार हो जाए, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी हाटों को डिजिटल मार्केट से जोड़ने के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया। बैठक में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, वीबी-जी राम जी योजना की आयुक्त अनन्या सिंह, नाबार्ड, पटना के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक लक्ष्मण कुमार तथा मंत्री के आप्त सचिव सुनील कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

पहाड़ी इलाकों में पशुपालन पर जोर

मंत्री श्रवण कुमार ने बैठक में शामिल अधिकारियों से कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों, विशेषकर पश्चिम चंपारण, मुंगेर और नवादा जिलों में बकरी पालन को बढ़ावा देने का प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में पशुपालन अपेक्षाकृत आसान होगा। इससे यहां के गरीबों के लिए जीविकोपार्जन का एक मजबूत माध्यम विकसित होगा और इसका प्रत्यक्ष लाभ महिलाओं को मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को आदिवासी क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा संबंधित लोगों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए।

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