NEWS PR डेस्क ,पटना: भ्रष्टाचार के एक मामले में निगरानी विशेष न्यायालय ने नवादा जिले के रोह अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी (CO) भोला पासवान को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय निगरानी, पटना के न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने बुधवार (22 जुलाई 2026) को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यह फैसला सुनाया।

मामला निगरानी थाना कांड संख्या-75/2014 (विशेष वाद संख्या-72/2014) से जुड़ा है। आरोप था कि तत्कालीन अंचलाधिकारी भोला पासवान ने जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में दरवाजा, खिड़की और छज्जा लगाने के लिए परिवादी राकेश कुमार से 4 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।

परिवादी राकेश कुमार, पिता-वासुदेव यादव, निवासी समरेठा गांव, थाना-रोह, जिला-नवादा की शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने कार्रवाई की थी। 15 अक्टूबर 2014 को भोला पासवान को 4 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक वीरेंद्र नारायण सिंह ने की थी। उन्होंने समय पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई।

बिहार सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक निगरानी, पटना रितेश कुमार ने प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष का पक्ष रखा, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना। न्यायालय ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत भोला पासवान को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, धारा-13(2) सह पठित धारा-13(1)(डी) के तहत चार वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है।
अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर एक महीने के अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान किया गया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। निगरानी विभाग के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक भ्रष्टाचार के कुल 11 मामलों में न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि के बाद सजा सुनाई जा चुकी है। विभाग ने कहा है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में अभियोजन की कार्रवाई लगातार जारी है।
